Carbon and its Compounds Class 10 Notes in Hindi | कार्बन एवं उसके यौगिक NCERT Chapter 4

कार्बन एवं उसके यौगिक Class 10 Science Chapter 4 नोट्स हिंदी में | Carbon and Its Compounds

नमस्कार साथियों बोर्ड एग्जाम वर्ल्ड में आपका स्वागत है।साथियों इस पोस्ट में हम कार्बन एवम् उसके यौगिक के बारे में पढ़ेंगे।जो आपके syllabus के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है।

Carbon and its Compounds Class 10 Notes in Hindi | कार्बन एवं उसके यौगिक NCERT Chapter 4
CLASS 10 · NCERT SCIENCE · CHAPTER 4
कार्बन एवं उसके यौगिक
Carbon and its Compounds — हिंदी नोट्स
⚗️ 💎 🧪 🫧
Reprint 2025-26
🔗 4.1 सहसंयोजी आबंध
दो परमाणुओं के बीच इलेक्ट्रॉनों के एक युग्म की साझेदारी द्वारा बनने वाला आबंध — सहसंयोजी आबंध कहलाता है।

कार्बन की परमाणु संख्या 6 है। बाहरी कोश में 4 इलेक्ट्रॉन होते हैं। अष्टक पूरा करने के लिए 4 और चाहिए। इसीलिए कार्बन दूसरे परमाणुओं के साथ 4 सहसंयोजी आबंध बनाता है।

H H H–H (एकल आबंध) O O O=O (द्विआबंध) N N N≡N (त्रिआबंध) C H H H H मेथेन (CH₄) C C H H H H एथीन C₂H₄ (द्विआबंध)
चित्र: सहसंयोजी आबंध — एकल, द्विआबंध, त्रिआबंध और मेथेन की संरचना
सहसंयोजी यौगिकों के गलनांक एवं क्वथनांक कम होते हैं। ये विद्युत के कुचालक होते हैं।

सारणी 4.1 — कुछ कार्बन यौगिकों के गलनांक व क्वथनांक

यौगिकगलनांक (K)क्वथनांक (K)
एसीटिक एसिड (CH₃COOH)290391
क्लोरोफॉर्म (CHCl₃)209334
एथेनॉल (C₂H₅OH)156351
मेथेन (CH₄)90111
💎 कार्बन के अपरूप
अपरूप — एक ही तत्व के भिन्न-भिन्न रूप जो परमाणुओं के आबंधन के तरीकों में अलग होते हैं।
💎

हीरा (Diamond)

हर C → 4 अन्य C से जुड़ा
दृढ़ त्रिआयामी संरचना
अत्यंत कठोर
विद्युत कुचालक

✏️

ग्रेफाइट (Graphite)

हर C → 3 अन्य से जुड़ा
षट्कोणीय परतें
नरम + चिकना
विद्युत सुचालक

फुलेरीन (C-60)

60 कार्बन परमाणु
फुटबॉल जैसी संरचना
बकमिनस्टरफुलेरीन
नया अपरूप

हीरा कुचालक है लेकिन ग्रेफाइट सुचालक — क्योंकि ग्रेफाइट में हर C के 4 में से 3 आबंध बनते हैं, चौथा इलेक्ट्रॉन मुक्त रहता है जो बिजली प्रवाहित करता है।
🌐 4.2 कार्बन की सर्वतोमुखी प्रकृति

कार्बन इतने सारे यौगिक क्यों बनाता है? इसके दो मुख्य कारण हैं —

  1. श्रृंखलन (Catenation): कार्बन अपने ही परमाणुओं के साथ आबंध बनाकर लंबी श्रृंखला, शाखा या वलय बनाता है। यह गुण किसी और तत्व में इतना नहीं होता।
  2. चतुःसंयोजकता: कार्बन की संयोजकता 4 होती है। यह H, O, N, S, Cl के साथ यौगिक बनाता है। ये आबंध बहुत प्रबल होते हैं।
कार्बनिक यौगिक — पहले माना जाता था कि ये केवल सजीवों में बनते हैं। 1828 में Friedrich Wöhler ने अमोनियम सायनेट से यूरिया बनाकर यह धारणा तोड़ी।
⚗️ 4.2.1 संतृप्त एवं असंतृप्त यौगिक
संतृप्त यौगिक: C-C के बीच केवल एकल आबंध — जैसे एल्केन। सामान्य सूत्र: CₙH₂ₙ₊₂
असंतृप्त यौगिक: C=C या C≡C — द्वि या त्रिआबंध — जैसे एल्कीन, एल्काइन।
संतृप्तअसंतृप्त
एकल आबंध (C–C)द्वि/त्रिआबंध (C=C, C≡C)
कम अभिक्रियाशीलअधिक अभिक्रियाशील
स्वच्छ नीली ज्वालाकाले धुएँ वाली पीली ज्वाला
प्रतिस्थापन अभिक्रियासंकलन अभिक्रिया
उदाहरण: मेथेन, एथेनउदाहरण: एथीन, एथाइन
🔗 4.2.2 श्रृंखला, शाखाएँ एवं वलय

कार्बन परमाणु जुड़कर सीधी, शाखायुक्त और चक्रीय (वलय) संरचनाएँ बनाते हैं।

संरचनात्मक समावयव: एक ही आणविक सूत्र लेकिन भिन्न संरचनाएँ। जैसे C₄H₁₀ के दो रूप — n-ब्यूटेन (सीधी) और आइसो-ब्यूटेन (शाखित)।

सारणी 4.2 — एल्केन (संतृप्त) यौगिक

कार्बन संख्यानामसूत्र
1मेथेनCH₄
2एथेनC₂H₆
3प्रोपेनC₃H₈
4ब्यूटेनC₄H₁₀
5पेन्टेनC₅H₁₂
6हेक्सेनC₆H₁₄
साइक्लोहेक्सेन (C₆H₁₂) — चक्रीय संतृप्त यौगिक। बेन्जीन (C₆H₆) — चक्रीय असंतृप्त सुगंधित यौगिक।
🏷️ 4.2.3 प्रकार्यात्मक समूह
प्रकार्यात्मक समूह — वह परमाणु या समूह जो यौगिक को विशिष्ट रासायनिक गुण देता है, चाहे कार्बन श्रृंखला की लंबाई कुछ भी हो।

सारणी 4.3 — मुख्य प्रकार्यात्मक समूह

विषय परमाणुयौगिक का प्रकारप्रकार्यात्मक समूहउदाहरण
Cl/Brहैलो ऐल्केन–Cl, –Brक्लोरोमेथेन
ऑक्सीजन1. एल्कोहल–OHएथेनॉल
2. ऐल्डिहाइड–CHOएथेनैल
3. कीटोन–C=O–प्रोपेनोन
4. कार्बोक्सिलिक अम्ल–COOHएथेनॉइक अम्ल
📊 4.2.4 समजातीय श्रेणी
समजातीय श्रेणी — यौगिकों की वह श्रृंखला जिसमें एक ही प्रकार का प्रकार्यात्मक समूह हो और उत्तरोत्तर सदस्यों में –CH₂– का अंतर हो।
  • CH₄ और C₂H₆ में एक –CH₂– इकाई का अंतर
  • एल्कीन का सामान्य सूत्र: CₙH₂ₙ (n = 2, 3, 4…)
  • एल्काइन का सामान्य सूत्र: CₙH₂ₙ₋₂
  • आणविक द्रव्यमान बढ़ने पर गलनांक-क्वथनांक में क्रमबद्धता
  • रासायनिक गुण समजातीय श्रेणी में एकसमान रहते हैं
📝 4.2.5 कार्बन यौगिकों की नामपद्धति
  1. यौगिक में कार्बन परमाणुओं की संख्या ज्ञात करें (3 C = प्रोपेन)
  2. प्रकार्यात्मक समूह के अनुसार पूर्वलग्म या अनुलग्म जोड़ें
  3. अनुलग्म स्वर से शुरू हो तो अंत का ‘e’ हटाएँ: propan + one = propanone
  4. असंतृप्त श्रृंखला में ‘ane’ → ‘ene’ या ‘yne’ से बदलें

सारणी 4.4 — नामपद्धति

यौगिक प्रकारपूर्वलग्म/अनुलग्मउदाहरण
हैलो ऐल्केनक्लोरो, ब्रोमो (पूर्व)क्लोरोप्रोपेन, ब्रोमोप्रोपेन
एल्कोहल-ol (अनु)प्रोपेनॉल
ऐल्डिहाइड-al (अनु)प्रोपेनैल
कीटोन-one (अनु)प्रोपेनोन
कार्बोक्सिलिक अम्ल-oic acid (अनु)प्रोपेनॉइक अम्ल
एल्कीन-ene (अनु)प्रोपीन
एल्काइन-yne (अनु)प्रोपाइन
🔥 4.3 रासायनिक गुणधर्म
4.3.1 दहन (Combustion)

सभी कार्बन यौगिक ऑक्सीजन में जलकर CO₂ + H₂O + ऊष्मा + प्रकाश देते हैं।

C + O₂ → CO₂ + ऊष्मा
CH₄ + 2O₂ → CO₂ + 2H₂O + ऊष्मा
CH₃CH₂OH + O₂ → CO₂ + H₂O + ऊष्मा
  • संतृप्त HC: स्वच्छ नीली ज्वाला (पूर्ण दहन)
  • असंतृप्त HC: काले धुएँ वाली पीली ज्वाला (अपूर्ण दहन)
4.3.2 ऑक्सीकरण
CH₃CH₂OH → (क्षारीय KMnO₄ / K₂Cr₂O₇) → CH₃COOH
ऑक्सीकारक — वे पदार्थ जो दूसरों को ऑक्सीजन देते हैं। जैसे — क्षारीय KMnO₄, K₂Cr₂O₇।
4.3.3 संकलन अभिक्रिया
CH₂=CH₂ + H₂ → (Ni उत्प्रेरक, गर्म) → CH₃–CH₃

वनस्पति तेल (असंतृप्त) + H₂ → वनस्पति घी (संतृप्त) — यही हाइड्रोजनीकरण है।

वनस्पति तेल में लंबी असंतृप्त श्रृंखलाएँ होती हैं — स्वास्थ्य के लिए बेहतर। जंतु वसा संतृप्त होती है।
4.3.4 प्रतिस्थापन अभिक्रिया
CH₄ + Cl₂ → (सूर्य प्रकाश) → CH₃Cl + HCl

संतृप्त HC में H का दूसरे परमाणु द्वारा प्रतिस्थापन।

🧪 4.4 एथेनॉल एवं एथेनॉइक अम्ल
4.4.1 एथेनॉल (C₂H₅OH)
  • कक्ष ताप पर तरल, गलनांक 156K, क्वथनांक 351K
  • सभी एल्कोहल पेय पदार्थों का घटक
  • टिंचर आयोडीन, कफ सिरप, टॉनिक में उपयोग
  • औद्योगिक में मेथेनॉल मिलाकर विकृत एल्कोहल बनाते हैं (पीने के लिए नहीं)
  • गन्ने से किण्वन द्वारा बनाया जाता है — ईंधन के रूप में भी
एथेनॉल की अभिक्रियाएँ
2Na + 2C₂H₅OH → 2C₂H₅ONa⁺ + H₂↑ (सोडियम के साथ)
CH₃CH₂OH → (443K, H₂SO₄) → CH₂=CH₂ + H₂O (निर्जलीकरण → एथीन)
4.4.2 एथेनॉइक अम्ल (CH₃COOH)
  • सामान्य नाम — एसीटिक अम्ल
  • 3–4% विलयन = सिरका (Vinegar)
  • गलनांक 290K — ठंड में जम जाता है → ग्लेशियल एसीटिक अम्ल
  • खनिज अम्लों से दुर्बल लेकिन NaHCO₃ से CO₂ निकालता है
एथेनॉइक अम्ल की अभिक्रियाएँ
CH₃COOH + C₂H₅OH → (अम्ल उत्प्रेरक) → CH₃COOC₂H₅ + H₂O (एस्टरीकरण)
NaOH + CH₃COOH → CH₃COONa + H₂O
Na₂CO₃ + 2CH₃COOH → 2CH₃COONa + H₂O + CO₂↑
NaHCO₃ + CH₃COOH → CH₃COONa + H₂O + CO₂↑
CH₃COOC₂H₅ + NaOH → C₂H₅OH + CH₃COONa (साबुनीकरण)
एथेनॉइक अम्ल Na₂CO₃ और NaHCO₃ दोनों से CO₂ निकालता है — यही इसे कमजोर अम्लों से अलग करता है। Board में अक्सर आता है!
🫧 4.5 साबुन और अपमार्जक
साबुन — लंबी श्रृंखला वाले कार्बोक्सिलिक अम्लों के सोडियम/पोटैशियम लवण
मिसेल की संरचना तेल कण जलरागी सिरा जलविरागी पूँछ
चित्र 4.12: मिसेल — साबुन अणु तेल कण को घेर लेते हैं
साबुनअपमार्जक
कार्बोक्सिलिक अम्ल के Na/K लवणसल्फोनिक/अमोनियम लवण
कठोर जल में अप्रभावी (स्कम बनाता है)कठोर जल में भी प्रभावी
जैव अपघटनीयकुछ जैव अपघटनीय नहीं
कम प्रदूषणअधिक प्रदूषण संभव
कठोर जल में Ca²⁺ और Mg²⁺ → साबुन से अभिक्रिया → अघुलनशील स्कम। इसीलिए झाग नहीं बनता। अपमार्जक ऐसा नहीं करता।

📌 आपने क्या सीखा

  • कार्बन — सर्वतोमुखी तत्व, सभी जीवों का आधार
  • सहसंयोजी आबंध — इलेक्ट्रॉन साझेदारी से बनता है
  • कम गलनांक/क्वथनांक, विद्युत कुचालक — सहसंयोजी यौगिक की पहचान
  • श्रृंखलन + चतुःसंयोजकता = सर्वतोमुखी प्रकृति
  • संतृप्त (एकल आबंध) vs असंतृप्त (द्वि/त्रिआबंध)
  • प्रकार्यात्मक समूह — यौगिक के रासायनिक गुण तय करते हैं
  • एथेनॉल — एल्कोहल, एस्टरीकरण, निर्जलीकरण अभिक्रियाएँ
  • एथेनॉइक अम्ल — एसीटिक अम्ल, कार्बोनेट से CO₂
  • साबुन — मिसेल बनाकर सफाई करता है
  • अपमार्जक — कठोर जल में भी काम करता है
📜 PYQ 2015–2024 उत्तर सहित

CBSE Board Exam — Chapter 4: कार्बन एवं उसके यौगिक

🔵 MCQ — 1 अंक
20231 अंक एथेन (C₂H₆) में कितने सहसंयोजक आबंध हैं?
(a) 5   (b) 6   (c) 7   (d) 8
✅ उत्तर

(c) 7 — C–C = 1 आबंध + प्रत्येक C पर 3 H = 6 आबंध। कुल = 1 + 6 = 7

20221 अंक ब्यूटेनॉन एक चतुःकार्बन यौगिक है। इसका प्रकार्यात्मक समूह है —
(a) कार्बोक्सिलिक अम्ल   (b) ऐल्डिहाइड   (c) कीटोन   (d) एल्कोहल
✅ उत्तर

(c) कीटोन — ब्यूटेनॉन में –C=O– (कीटोन) प्रकार्यात्मक समूह है। IUPAC नाम: Butan-2-one।

20211 अंक खाना बनाते समय यदि बर्तन की तली बाहर से काली हो रही है तो इसका मतलब है —
(a) भोजन पूरी तरह नहीं पका   (b) ईंधन पूरी तरह नहीं जल रहा   (c) ईंधन आर्द्र है   (d) ईंधन पूरी तरह जल रहा है
✅ उत्तर

(b) ईंधन पूरी तरह नहीं जल रहा है — अपूर्ण दहन से काला कज्जल (कार्बन) जमा होता है। वायु की कमी से असंतृप्त यौगिक अपूर्ण रूप से जलते हैं।

20201 अंक निम्न में से कौन सा यौगिक संतृप्त है?
(a) C₂H₂   (b) C₂H₄   (c) C₂H₆   (d) C₃H₄
✅ उत्तर

(c) C₂H₆ (एथेन) — इसमें C–C एकल आबंध है → संतृप्त। C₂H₂ (त्रिआबंध), C₂H₄ (द्विआबंध) असंतृप्त हैं।

20191 अंक साबुन के अणु में होते हैं —
(a) केवल जलरागी सिरा   (b) केवल जलविरागी सिरा   (c) दोनों सिरे   (d) कोई नहीं
✅ उत्तर

(c) जलरागी एवं जलविरागी दोनों सिरे — COO⁻Na⁺ = जलरागी; लंबी कार्बन श्रृंखला = जलविरागी। इसी से मिसेल बनता है।

🟡 लघु उत्तरीय — 2-3 अंक
20242 अंक सहसंयोजी आबंध क्या है? हाइड्रोजन अणु में इसका निर्माण कैसे होता है?
✅ उत्तर

सहसंयोजी आबंध: दो परमाणुओं के बीच इलेक्ट्रॉनों के एक युग्म की साझेदारी से बनता है।

H₂ में: H की परमाणु संख्या 1 — K कोश में 1 e⁻। K कोश भरने के लिए 1 और चाहिए। दो H परमाणु एक-एक e⁻ की साझेदारी करते हैं → H–H बनता है।

H• + •H → H:H (H–H)
20232 अंक एथेनॉल का सोडियम के साथ अभिक्रिया का समीकरण लिखिए। उत्पन्न गैस की पहचान कैसे करेंगे?
✅ उत्तर
2Na + 2C₂H₅OH → 2C₂H₅ONa⁺ + H₂↑

गैस की पहचान: उत्पन्न गैस हाइड्रोजन (H₂) है। जलती तीली लाने पर “पॉप” की आवाज के साथ जलती है।

20222 अंक समजातीय श्रेणी किसे कहते हैं? एल्कोहल की प्रथम तीन सदस्यों के नाम-सूत्र लिखिए।
✅ उत्तर

समजातीय श्रेणी: एक ही प्रकार का प्रकार्यात्मक समूह + –CH₂– का अंतर + सामान्य सूत्र।

क्रमनामसूत्र
1मेथेनॉलCH₃OH
2एथेनॉलC₂H₅OH
3प्रोपेनॉलC₃H₇OH
20212 अंक ऑक्सीकारक क्या है? एथेनॉल से एथेनॉइक अम्ल बनाने की अभिक्रिया लिखिए।
✅ उत्तर

ऑक्सीकारक: वे पदार्थ जो दूसरों को ऑक्सीजन देते हैं। जैसे — क्षारीय KMnO₄ और K₂Cr₂O₇।

CH₃CH₂OH → (क्षारीय KMnO₄) → CH₃COOH
(एथेनॉल)                          (एथेनॉइक अम्ल)
20203 अंक हाइड्रोजनीकरण क्या है? इसका औद्योगिक महत्व बताइए। वनस्पति तेल और जंतु वसा में अंतर।
✅ उत्तर

हाइड्रोजनीकरण: असंतृप्त HC में Ni उत्प्रेरक की उपस्थिति में H₂ जोड़ना।

–C=C– + H₂ → (Ni, गर्म) → –C–C–

औद्योगिक उपयोग: वनस्पति तेल → वनस्पति घी।

वनस्पति तेलजंतु वसा
असंतृप्त श्रृंखलासंतृप्त श्रृंखला
तरल (कमरे के ताप पर)ठोस
स्वास्थ्य के लिए बेहतरहानिकारक हो सकता है
20193 अंक साबुन और अपमार्जक में क्या अंतर है? साबुन कठोर जल में प्रभावी क्यों नहीं होता?
✅ उत्तर
साबुनअपमार्जक
RCOO⁻Na⁺ (कार्बोक्सिलेट)RSO₃⁻Na⁺ (सल्फोनेट)
कठोर जल में अप्रभावीकठोर जल में प्रभावी
जैव अपघटनीयपर्यावरण को नुकसान

कठोर जल में साबुन क्यों नहीं: Ca²⁺ और Mg²⁺ आयन साबुन से अभिक्रिया → अघुलनशील स्कम → झाग नहीं, सफाई नहीं।

🔴 दीर्घ उत्तरीय — 5 अंक
20245 अंक कार्बन की सर्वतोमुखी प्रकृति के कारण बताइए। संतृप्त एवं असंतृप्त यौगिकों की परिभाषा, उदाहरण सहित अंतर स्पष्ट करें।
✅ उत्तर

सर्वतोमुखी प्रकृति के कारण:

  1. श्रृंखलन: कार्बन-कार्बन आबंध बहुत प्रबल। लंबी श्रृंखलाएँ, शाखाएँ, वलय — सब बना सकता है।
  2. चतुःसंयोजकता: H, O, N, S, Cl से यौगिक। इससे अनगिनत यौगिक संभव।
संतृप्तअसंतृप्त
एकल आबंध (C–C)द्वि/त्रिआबंध
कम अभिक्रियाशीलअधिक अभिक्रियाशील
नीली स्वच्छ ज्वालापीली, धुएँदार ज्वाला
प्रतिस्थापन अभिक्रियासंकलन अभिक्रिया
मेथेन, एथेन (CₙH₂ₙ₊₂)एथीन, एथाइन
20235 अंक एथेनॉइक अम्ल के भौतिक गुण लिखिए। इसकी NaOH, Na₂CO₃, NaHCO₃ और एथेनॉल के साथ अभिक्रियाएँ लिखिए।
✅ उत्तर

भौतिक गुण:

  • गलनांक 290K — ठंड में जम जाता है → ग्लेशियल एसीटिक अम्ल
  • क्वथनांक 391K | 3-4% विलयन = सिरका
  • खनिज अम्लों से दुर्बल | कार्बोक्सिलिक अम्ल
(i) NaOH + CH₃COOH → CH₃COONa + H₂O
(ii) Na₂CO₃ + 2CH₃COOH → 2CH₃COONa + H₂O + CO₂↑
(iii) NaHCO₃ + CH₃COOH → CH₃COONa + H₂O + CO₂↑
(iv) CH₃COOH + C₂H₅OH → (अम्ल) → CH₃COOC₂H₅ + H₂O (एस्टरीकरण)
20225 अंक कार्बन यौगिकों के रासायनिक गुणधर्म — दहन, ऑक्सीकरण, संकलन और प्रतिस्थापन अभिक्रिया को उदाहरण सहित समझाइए।
✅ उत्तर

1. दहन:

CH₄ + 2O₂ → CO₂ + 2H₂O + ऊष्मा

2. ऑक्सीकरण:

C₂H₅OH → (KMnO₄) → CH₃COOH

3. संकलन:

CH₂=CH₂ + H₂ → (Ni) → CH₃–CH₃

4. प्रतिस्थापन:

CH₄ + Cl₂ → (सूर्य प्रकाश) → CH₃Cl + HCl
20215 अंक कार्बन के दो अपरूपों हीरा और ग्रेफाइट की संरचना, गुण एवं अंतर बताइए। ग्रेफाइट विद्युत का सुचालक क्यों है?
✅ उत्तर

हीरा: हर C → 4 C से जुड़ा → दृढ़ 3D जालक → अत्यंत कठोर।

ग्रेफाइट: हर C → 3 C से जुड़ा → षट्कोणीय परतें → नरम।

गुणहीराग्रेफाइट
कठोरतासर्वाधिक कठोरबहुत नरम
विद्युतकुचालकसुचालक
संरचना3D जालक2D परतें
उपयोगआभूषण, ड्रिलपेंसिल, इलेक्ट्रोड
ग्रेफाइट सुचालक क्यों: हर C परमाणु 3 आबंध बनाता है, चौथा इलेक्ट्रॉन मुक्त रहता है → विद्युत प्रवाह संभव।
20183 अंक साबुन की सफाई प्रक्रिया की क्रियाविधि समझाइए। मिसेल क्या है?
✅ उत्तर

मिसेल: साबुन के अणुओं की गोलाकार संरचना। जलरागी सिरा बाहर (जल की ओर) + जलविरागी पूँछ अंदर (तेल की ओर)।

  1. साबुन के अणु का जलविरागी सिरा तेल-मैल की ओर आकर्षित होता है
  2. जलरागी सिरा जल की ओर रहता है → मिसेल बनता है
  3. मिसेल में तेल कण घिर जाते हैं → एमल्शन बनता है
  4. कपड़े धोने पर मिसेल मैल को पानी में बाहर ले आता है → कपड़ा साफ
📚 Class 10 NCERT Science · Chapter 4: कार्बन एवं उसके यौगिक (Carbon and its Compounds)
ये नोट्स NCERT Reprint 2025-26 के अनुसार बनाए गए हैं।

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