साथियों नमस्कार विज्ञान के अध्याय 13 हमारा पर्यावरण में आपका स्वागत है। साथियों आज इस chapter में हम pyq और कंप्लीट नोट्स प्रोवाइड कर रहे हैं।जो आगामी आने वाली परीक्षा में बहुत महत्पूर्ण भूमिका निभाएगा।

📗 विज्ञान • कक्षा 10 • अध्याय 13
हमारा पर्यावरण
Our Environment — सम्पूर्ण नोट्स + PYQ
🌿 13.1 पारितंत्र (Ecosystem)
पारितंत्र (Ecosystem)
सभी जीव जैसे पौधे, जंतु, सूक्ष्मजीव और मानव तथा भौतिक कारकों (ताप, वर्षा, वायु, मृदा, खनिज) की परस्पर अन्योन्यक्रिया मिलकर एक पारितंत्र बनाते हैं।
🔬 पारितंत्र के घटक
| घटक | प्रकार | उदाहरण |
|---|---|---|
| जैव घटक (Biotic) | उत्पादक, उपभोक्ता, अपमार्जक | पौधे, जानवर, कवक, जीवाणु |
| अजैव घटक (Abiotic) | भौतिक कारक | ताप, वर्षा, वायु, मृदा, खनिज |
🌱 पारितंत्र के प्रकार
🌲 प्राकृतिक पारितंत्र: वन, तालाब, झील — प्रकृति द्वारा निर्मित
🏗️ मानव-निर्मित (कृत्रिम) पारितंत्र: बगीचा, खेत, जल जीवशाला — मानव द्वारा निर्मित
🌿 जीवों का वर्गीकरण (पोषण के आधार पर)
उत्पादक (Producers) 1st Level
वे जीव जो सूर्य के प्रकाश एवं क्लोरोफिल की उपस्थिति में अकार्बनिक पदार्थों से कार्बनिक पदार्थ बनाते हैं। जैसे: सभी हरे पौधे, नील-हरित शैवाल
उपभोक्ता (Consumers)
- प्राथमिक उपभोक्ता: शाकाहारी जीव (गाय, बकरी, हिरण, टिड्डा)
- द्वितीयक उपभोक्ता: छोटे मांसाहारी (मेंढक, छोटी मछली)
- तृतीयक उपभोक्ता: बड़े मांसाहारी (बाज, शेर)
अपमार्जक / अपघटक (Decomposers)
सूक्ष्मजीव जो मृत जीवों के जटिल कार्बनिक पदार्थों को सरल अकार्बनिक पदार्थों में तोड़ते हैं। जैसे: कवक, जीवाणु
ये पोषक तत्वों को मृदा में वापस लाते हैं → पर्यावरण संतुलन
🔗 13.1.1 आहार श्रृंखला एवं जाल
आहार श्रृंखला (Food Chain)
जीवों की एक श्रृंखला जिसमें एक जीव दूसरे जीव का आहार बनता है, यह आहार श्रृंखला कहलाती है।
उदाहरण:
🌾 घास
→
🦗 टिड्डा
→
🐸 मेंढक
→
🐍 साँप
→
🦅 बाज
🌱 पौधे
→
🐟 छोटी मछली
→
🐠 बड़ी मछली
⚡ ऊर्जा का प्रवाह — 10% नियम
प्रत्येक पोषी स्तर पर केवल 10% ऊर्जा अगले स्तर तक पहुँचती है
शेष 90% ऊष्मा के रूप में ह्रास हो जाती है
तृतीय उपभोक्ता
1 KJ
1 KJ
द्वितीय उपभोक्ता
10 KJ
10 KJ
प्राथमिक उपभोक्ता
100 KJ
100 KJ
उत्पादक
1000 KJ
1000 KJ
चित्र: पोषी स्तर एवं ऊर्जा का ह्रास
⚠️ महत्वपूर्ण
- आहार श्रृंखला सामान्यतः 3-4 चरण की होती है
- चौथे पोषी स्तर के बाद उपयोगी ऊर्जा बहुत कम हो जाती है
- ऊर्जा का प्रवाह एकदिशीय होता है (उत्पादक → उपभोक्ता)
- निचले पोषी स्तर पर जीवों की संख्या अधिकतम होती है
🕸️ आहार जाल (Food Web)
जब विभिन्न आहार श्रृंखलाएँ आपस में जुड़ती हैं तो आहार जाल बनता है।
प्रत्येक जीव दो या अधिक प्रकार के जीवों का आहार बनता है।
प्रत्येक जीव दो या अधिक प्रकार के जीवों का आहार बनता है।
☠️ जैव आवर्धन (Biological Magnification)
जैव आवर्धन (Biological Magnification)
हानिकारक रासायनिक पदार्थों (DDT, कीटनाशक) की मात्रा आहार श्रृंखला के प्रत्येक पोषी स्तर पर बढ़ती जाती है। यह क्रिया जैव आवर्धन कहलाती है।
🌱 पौधे (जल/मृदा)
→
कम मात्रा में कीटनाशक
🐟 जलीय जंतु
→
अधिक मात्रा
🧑 मनुष्य (शीर्ष)
→
सर्वाधिक मात्रा संचित!
💡 याद रखें
गेहूँ, चावल, सब्जियाँ, फल, मांस में पीड़क रसायन की अवशिष्ट मात्रा होती है। इन्हें पानी से धोकर या अन्य प्रकार से अलग नहीं किया जा सकता।
🌐 13.2 ओजोन परत (Ozone Layer)
ओजोन (O₃)
ओजोन ऑक्सीजन के तीन परमाणुओं से बनती है। यह वायुमंडल की ऊपरी सतर में पाई जाती है। सूर्य से आने वाली हानिकारक पराबैंगनी (UV) विकिरण से पृथ्वी को सुरक्षा प्रदान करती है।
⚗️ ओजोन के निर्माण की अभिक्रिया
O₂ → पराबैंगनी (UV) → O + O
O + O₂ → O₃ (ओजोन)
💔 ओजोन का अपक्षय (Ozone Depletion)
⚠️ मुख्य कारण: CFCs (क्लोरोफ्लुओरो कार्बन)
- रेफ्रिजरेटर, अग्निशामक में उपयोग
- 1980 से ओजोन की मात्रा में गिरावट
- अंटार्कटिका के ऊपर ओजोन छिद्र सबसे गंभीर
- UV विकिरण से मनुष्य में त्वचा का कैंसर, मोतियाबिंद
📌 मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल
CFCs के उत्पादन को नियंत्रित करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय समझौता।
♻️ 13.2.2 कचरा प्रबंधन
🌱 जैव निम्नीकरणीय vs अजैव निम्नीकरणीय
| जैव निम्नीकरणीय | अजैव निम्नीकरणीय |
|---|---|
| जैविक प्रक्रम द्वारा अपघटित होते हैं | अपघटित नहीं होते |
| लंबे समय तक पर्यावरण में नहीं रहते | लंबे समय तक पर्यावरण में बने रहते हैं |
| खाद्य पदार्थ, कागज, लकड़ी, ऊन | प्लास्टिक, DDT, कीटनाशक, कांच |
| पर्यावरण के लिए कम हानिकारक | पर्यावरण के लिए अत्यधिक हानिकारक |
💡 अजैव निम्नीकरणीय पदार्थ अक्रिय (Inert) होते हैं — ये पर्यावरण के सदस्यों को हानि पहुँचाते हैं।
📋 आपने क्या सीखा (Summary)
✅ पारितंत्र के विभिन्न घटक परस्पर अन्योन्याश्रित होते हैं।
✅ उत्पादक सूर्य से प्राप्त ऊर्जा को पारितंत्र के अन्य सदस्यों को उपलब्ध कराते हैं।
✅ एक पोषी स्तर से दूसरे पोषी स्तर पर जाने पर ऊर्जा का ह्रास होता है, यह आहार श्रृंखला में पोषी स्तरों को सीमित कर देता है।
✅ मानव की गतिविधियों का पर्यावरण पर समापघात होता है।
✅ CFCs जैसे रसायनों ने ओजोन परत को नुकसान पहुँचाया है।
✅ हमारे द्वारा उत्पादित कचरा जैव निम्नीकरणीय अथवा अजैव निम्नीकरणीय हो सकता है।
✅ हमारे द्वारा उत्पादित कचरे का निपटान एक गंभीर पर्यावरणीय समस्या है।
🎯 PYQ — पिछले वर्षों के प्रश्न
Board Exam में बार-बार पूछे गए प्रश्न (CBSE 2015–2024)
Q. जैव आवर्धन (Biological Magnification) क्या है? क्या पारितंत्र के विभिन्न स्तरों पर जैव आवर्धन का प्रभाव भी भिन्न-भिन्न होगा?
जैव आवर्धन: हानिकारक रासायनिक पदार्थों (कीटनाशक/DDT) की सांद्रता आहार श्रृंखला के प्रत्येक पोषी स्तर पर बढ़ती जाती है।
हाँ, प्रभाव भिन्न-भिन्न होगा:
• उत्पादक (पौधे) — सबसे कम सांद्रता
• प्राथमिक उपभोक्ता — अधिक
• द्वितीयक उपभोक्ता — और अधिक
• मनुष्य (शीर्ष) — सर्वाधिक सांद्रता
इसीलिए मनुष्य के शरीर में यह रसायन सर्वाधिक मात्रा में संचित होते हैं।
हाँ, प्रभाव भिन्न-भिन्न होगा:
• उत्पादक (पौधे) — सबसे कम सांद्रता
• प्राथमिक उपभोक्ता — अधिक
• द्वितीयक उपभोक्ता — और अधिक
• मनुष्य (शीर्ष) — सर्वाधिक सांद्रता
इसीलिए मनुष्य के शरीर में यह रसायन सर्वाधिक मात्रा में संचित होते हैं।
Q. 10% नियम क्या है? आहार श्रृंखला में ऊर्जा के प्रवाह को समझाइए।
10% नियम (Lindemann’s Law):
जब ऊर्जा एक पोषी स्तर से दूसरे पोषी स्तर पर स्थानांतरित होती है, तो केवल 10% ऊर्जा ही अगले स्तर तक पहुँच पाती है। शेष 90% ऊर्जा ऊष्मा के रूप में नष्ट हो जाती है।
उदाहरण:
• उत्पादक: 1000 KJ
• शाकाहारी: 100 KJ
• द्वितीयक: 10 KJ
• तृतीयक: 1 KJ
निष्कर्ष: इसीलिए आहार श्रृंखला 3-4 चरणों तक ही सीमित होती है।
जब ऊर्जा एक पोषी स्तर से दूसरे पोषी स्तर पर स्थानांतरित होती है, तो केवल 10% ऊर्जा ही अगले स्तर तक पहुँच पाती है। शेष 90% ऊर्जा ऊष्मा के रूप में नष्ट हो जाती है।
उदाहरण:
• उत्पादक: 1000 KJ
• शाकाहारी: 100 KJ
• द्वितीयक: 10 KJ
• तृतीयक: 1 KJ
निष्कर्ष: इसीलिए आहार श्रृंखला 3-4 चरणों तक ही सीमित होती है।
Q. ओजोन परत की क्षति हमारे लिए चिंता का विषय क्यों है? इस क्षति को सीमित करने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं?
चिंता का कारण:
ओजोन परत सूर्य की हानिकारक पराबैंगनी (UV) विकिरण से पृथ्वी की रक्षा करती है। इसके क्षतिग्रस्त होने से:
• त्वचा का कैंसर
• मोतियाबिंद
• पारितंत्र को नुकसान
कदम:
• CFCs (क्लोरोफ्लुओरो कार्बन) का उपयोग कम करना
• मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल (1987) — CFCs के उत्पादन पर नियंत्रण
• CFC-रहित रेफ्रिजरेटर एवं एयर कंडीशनर का उपयोग
ओजोन परत सूर्य की हानिकारक पराबैंगनी (UV) विकिरण से पृथ्वी की रक्षा करती है। इसके क्षतिग्रस्त होने से:
• त्वचा का कैंसर
• मोतियाबिंद
• पारितंत्र को नुकसान
कदम:
• CFCs (क्लोरोफ्लुओरो कार्बन) का उपयोग कम करना
• मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल (1987) — CFCs के उत्पादन पर नियंत्रण
• CFC-रहित रेफ्रिजरेटर एवं एयर कंडीशनर का उपयोग
Q. अपमार्जक (Decomposers) क्या हैं? पारितंत्र में उनकी क्या भूमिका है?
अपमार्जक: वे सूक्ष्मजीव (कवक, जीवाणु) जो मृत जीवों के जटिल कार्बनिक पदार्थों को सरल अकार्बनिक पदार्थों में अपघटित करते हैं।
भूमिका:
• पोषक तत्वों को मृदा में वापस लाते हैं
• पर्यावरण को स्वच्छ रखते हैं
• पोषक तत्वों का चक्रण (Nutrient Cycling) सुनिश्चित करते हैं
• उत्पादकों के लिए खनिज उपलब्ध कराते हैं
भूमिका:
• पोषक तत्वों को मृदा में वापस लाते हैं
• पर्यावरण को स्वच्छ रखते हैं
• पोषक तत्वों का चक्रण (Nutrient Cycling) सुनिश्चित करते हैं
• उत्पादकों के लिए खनिज उपलब्ध कराते हैं
Q. पोषी स्तर क्या है? एक आहार श्रृंखला का उदाहरण दीजिए तथा इसमें विभिन्न पोषी स्तर बताइए।
पोषी स्तर: आहार श्रृंखला के प्रत्येक चरण/कड़ी को एक पोषी स्तर कहते हैं।
उदाहरण:
घास → टिड्डा → मेंढक → साँप → बाज
पोषी स्तर:
• घास → प्रथम पोषी स्तर (उत्पादक)
• टिड्डा → द्वितीय पोषी स्तर (प्राथमिक उपभोक्ता)
• मेंढक → तृतीय पोषी स्तर (द्वितीयक उपभोक्ता)
• साँप → चतुर्थ पोषी स्तर (तृतीयक उपभोक्ता)
• बाज → पंचम पोषी स्तर (चतुर्थ उपभोक्ता)
उदाहरण:
घास → टिड्डा → मेंढक → साँप → बाज
पोषी स्तर:
• घास → प्रथम पोषी स्तर (उत्पादक)
• टिड्डा → द्वितीय पोषी स्तर (प्राथमिक उपभोक्ता)
• मेंढक → तृतीय पोषी स्तर (द्वितीयक उपभोक्ता)
• साँप → चतुर्थ पोषी स्तर (तृतीयक उपभोक्ता)
• बाज → पंचम पोषी स्तर (चतुर्थ उपभोक्ता)
Q. जैव निम्नीकरणीय और अजैव निम्नीकरणीय पदार्थों में अंतर लिखिए। प्रत्येक का एक-एक उदाहरण दीजिए।
जैव निम्नीकरणीय: वे पदार्थ जो जीवाणु/कवक जैसे सूक्ष्मजीवों द्वारा अपघटित हो जाते हैं। ये पर्यावरण में लंबे समय तक नहीं रहते।
उदाहरण: खाद्य पदार्थ, कागज, लकड़ी
अजैव निम्नीकरणीय: वे पदार्थ जो सूक्ष्मजीवों द्वारा अपघटित नहीं होते। ये लंबे समय तक पर्यावरण में बने रहते हैं।
उदाहरण: प्लास्टिक, DDT, कीटनाशक
उदाहरण: खाद्य पदार्थ, कागज, लकड़ी
अजैव निम्नीकरणीय: वे पदार्थ जो सूक्ष्मजीवों द्वारा अपघटित नहीं होते। ये लंबे समय तक पर्यावरण में बने रहते हैं।
उदाहरण: प्लास्टिक, DDT, कीटनाशक
Q. निम्नलिखित में से कौन-सा समूह केवल जैव निम्नीकरणीय पदार्थों का है?
(a) घास, पुष्प तथा चमड़ा (b) घास, लकड़ी तथा प्लास्टिक
(c) फलों के छिलके, केक एवं नींबू का रस (d) केक, लकड़ी एवं घास
(a) घास, पुष्प तथा चमड़ा (b) घास, लकड़ी तथा प्लास्टिक
(c) फलों के छिलके, केक एवं नींबू का रस (d) केक, लकड़ी एवं घास
उत्तर: (d) केक, लकड़ी एवं घास
विकल्प (a) में चमड़ा अजैव निम्नीकरणीय है।
विकल्प (b) में प्लास्टिक अजैव निम्नीकरणीय है।
विकल्प (c) में फलों के छिलके, केक, नींबू का रस — सभी जैव निम्नीकरणीय हैं। ✅ (यह भी सही हो सकता है)
विकल्प (d) में केक, लकड़ी, घास — सभी जैव निम्नीकरणीय हैं। ✅
विकल्प (a) में चमड़ा अजैव निम्नीकरणीय है।
विकल्प (b) में प्लास्टिक अजैव निम्नीकरणीय है।
विकल्प (c) में फलों के छिलके, केक, नींबू का रस — सभी जैव निम्नीकरणीय हैं। ✅ (यह भी सही हो सकता है)
विकल्प (d) में केक, लकड़ी, घास — सभी जैव निम्नीकरणीय हैं। ✅
Q. क्या कारण है कि कुछ पदार्थ जैव निम्नीकरणीय होते हैं और कुछ अजैव निम्नीकरणीय? ऐसे दो तरीके सुझाइए जिनमें जैव निम्नीकरणीय पदार्थ पर्यावरण को प्रभावित करते हैं।
कारण:
जैव निम्नीकरणीय पदार्थों के अपघटन के लिए सूक्ष्मजीवों में एंजाइम उपलब्ध होते हैं। परंतु मानव-निर्मित पदार्थों (प्लास्टिक, DDT) के लिए आवश्यक एंजाइम किसी भी सूक्ष्मजीव में नहीं होते, इसलिए वे अजैव निम्नीकरणीय हैं।
जैव निम्नीकरणीय पदार्थ पर्यावरण को प्रभावित करते हैं:
1. खुले में पड़े रहने पर सड़कर दुर्गंध फैलाते हैं और रोगाणु उत्पन्न करते हैं।
2. जल स्रोतों में मिलने पर जल प्रदूषण होता है।
जैव निम्नीकरणीय पदार्थों के अपघटन के लिए सूक्ष्मजीवों में एंजाइम उपलब्ध होते हैं। परंतु मानव-निर्मित पदार्थों (प्लास्टिक, DDT) के लिए आवश्यक एंजाइम किसी भी सूक्ष्मजीव में नहीं होते, इसलिए वे अजैव निम्नीकरणीय हैं।
जैव निम्नीकरणीय पदार्थ पर्यावरण को प्रभावित करते हैं:
1. खुले में पड़े रहने पर सड़कर दुर्गंध फैलाते हैं और रोगाणु उत्पन्न करते हैं।
2. जल स्रोतों में मिलने पर जल प्रदूषण होता है।
📝 NCERT अभ्यास प्रश्न (Textbook)
📌 Q1. निम्नलिखित में से कौन-से समूहों में केवल जैव निम्नीकरणीय पदार्थ हैं?
उत्तर: (c) फलों के छिलके, केक एवं नींबू का रस
📌 Q2. निम्नलिखित से कौन आहार श्रृंखला का निर्माण करते हैं?
उत्तर: (b) घास, बकरी तथा मानवघास → बकरी → मानव
📌 Q3. निम्नलिखित में से कौन पर्यावरण-मित्र व्यवहार हैं?
उत्तर: (d) उपरोक्त सभी
📌 Q4. यदि हम एक पोषी स्तर के सभी जीवों को समाप्त कर दें तो क्या होगा?
पारितंत्र का संतुलन बिगड़ जाएगा। उस स्तर के जीवों की जनसंख्या बेकाबू हो जाएगी और खाद्य श्रृंखला टूट जाएगी।
📌 Q9. ओजोन परत की क्षति हमारे लिए चिंता का विषय क्यों है?
ओजोन परत UV विकिरण से सुरक्षा करती है। इसके क्षतिग्रस्त होने से त्वचा कैंसर, मोतियाबिंद और पारितंत्र को नुकसान होगा।
⚡ Quick Revision — 1 मिनट में याद करें
🧠 मुख्य बिंदु
- उत्पादक → प्राथमिक → द्वितीयक → तृतीयक उपभोक्ता
- ऊर्जा का स्थानांतरण: केवल 10% अगले स्तर को
- ऊर्जा का प्रवाह: एकदिशीय (एक ही दिशा में)
- जैव आवर्धन: कीटनाशक सांद्रता बढ़ती जाती है — मनुष्य सर्वाधिक प्रभावित
- ओजोन क्षय: CFCs जिम्मेदार → UV विकिरण → त्वचा कैंसर
- प्लास्टिक: अजैव निम्नीकरणीय — पर्यावरण के लिए घातक
- अपमार्जक: कवक + जीवाणु — पोषक तत्वों का चक्रण