प्रकाश का परावर्तन तथा अपवर्तन (Class 10 Chapter 9) | आसान नोट्स, नियम और प्रश्न उत्तर

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दोस्तों नमस्कार बोर्ड एग्जाम वर्ल्ड में आपका स्वागत है। साथियों आज हम इस ब्लॉग में प्रकाश का परावर्तन तथा अपवर्तन अध्याय 9 के बारे में आसान भाषा में नोट्स तैयार किए हैं। जो आगामी आने वाली परीक्षाओं के लिए बहुत ही लाभदायक होने वाले हैं हमने इस नोट्स में प्रीवियस ईयर पेपर को भी शामिल किए हैं जो की आपको पेपर का पैटर्न समझने में आसानी होगी। आइए हम पूरा नोट्स एक आसान भाषा में समझते हैं।

प्रकाश परावर्तन तथा अपवर्तन Class 10 Notes in Hindi | Light Reflection Refraction NCERT Chapter 9
CLASS 10 · NCERT SCIENCE · CHAPTER 9
प्रकाश — परावर्तन तथा अपवर्तन
Light — Reflection and Refraction · हिंदी नोट्स
🔦 🪞 🔬 💡
Reprint 2025-26
🪞 9.1 प्रकाश का परावर्तन

जब प्रकाश किसी चमकीले पृष्ठ से टकराकर वापस आता है — इसे परावर्तन कहते हैं।

परावर्तन के नियम:
(i) आपतन कोण = परावर्तन कोण    (∠i = ∠r)
(ii) आपतित किरण, अभिलंब तथा परावर्तित किरण — तीनों एक ही तल में होती हैं।
गोलीय दर्पण (Spherical Mirrors)
गोलीय दर्पणों के महत्वपूर्ण पद अवतल दर्पण P (ध्रुव) F (फोकस) C (वक्रता केंद्र) f (फोकस दूरी) R = 2f (वक्रता त्रिज्या) उत्तल दर्पण P प्रकाश परावर्तित F (आभासी)
गोलीय दर्पण — अवतल (अभिसारी) और उत्तल (अपसारी) + महत्वपूर्ण पद
पदपरिभाषा
ध्रुव (P)दर्पण का मध्य बिंदु
वक्रता केंद्र (C)गोले का केंद्र जिसका दर्पण भाग है
मुख्य अक्षP और C से गुज़रने वाली सीधी रेखा
मुख्य फोकस (F)समांतर किरणें परावर्तन के बाद जिस बिंदु पर मिलती/आती-लगती हैं
फोकस दूरी (f)P से F की दूरी  →  f = R/2
द्वारक (Aperture)दर्पण का प्रभावी व्यास
अवतल दर्पण = अभिसारी (किरणें एक बिंदु पर मिलती हैं)
उत्तल दर्पण = अपसारी (किरणें दूर जाती हैं, F आभासी होता है)
📐 दर्पण सूत्र + आवर्धन

🔖 नई कार्तीय चिह्न परिपाटी (Sign Convention)

  • सभी दूरियाँ दर्पण के ध्रुव (P) से मापी जाती हैं
  • मुख्य अक्ष के समांतर दिशा में दूरियाँ मापते हैं
  • आपतित प्रकाश की दिशा में → धनात्मक (+)
  • आपतित प्रकाश के विपरीत → ऋणात्मक (–)
  • बिंब हमेशा दर्पण के सामने → u हमेशा ऋणात्मक
  • अवतल दर्पण: f ऋणात्मक  |  उत्तल दर्पण: f धनात्मक
दर्पण सूत्र
1/v + 1/u = 1/f

v = प्रतिबिंब दूरी  |  u = बिंब दूरी  |  f = फोकस दूरी  |  R = 2f

आवर्धन (Magnification)
m = h’/h = –v/u
  • m धनात्मक → प्रतिबिंब आभासी और सीधा
  • m ऋणात्मक → प्रतिबिंब वास्तविक और उलटा
  • |m| > 1 → प्रतिबिंब बिंब से बड़ा
  • |m| < 1 → प्रतिबिंब बिंब से छोटा
📋 अवतल दर्पण में प्रतिबिंब
बिंब की स्थितिप्रतिबिंब की स्थितिसाइज़प्रकृति
अनंत परफोकस F परबिंदु आकारवास्तविक, उलटा
C से परे (∞ और C के बीच)F और C के बीचछोटावास्तविक, उलटा
C परC परसमान साइज़वास्तविक, उलटा
F और C के बीचC से परेबड़ा (विवर्धित)वास्तविक, उलटा
F परअनंत परबहुत बड़ावास्तविक, उलटा
P और F के बीचदर्पण के पीछेबड़ाआभासी, सीधा
उत्तल दर्पण → सभी स्थितियों में प्रतिबिंब → आभासी, सीधा, छोटा — इसीलिए वाहनों के पीछे देखने के दर्पण में उपयोग।
अवतल दर्पण के उपयोग → दाढ़ी बनाना, डॉक्टर का दर्पण, सोलर कुकर।
उदाहरण 9.1 जैसे प्रश्न Board में हर साल आते हैं। R = +3.00 m दिया → f = +1.50 m (उत्तल)। फिर 1/v = 1/f – 1/u।
🔬 9.3 प्रकाश का अपवर्तन
अपवर्तन — जब प्रकाश एक पारदर्शी माध्यम से दूसरे में जाता है तो अपनी दिशा बदल लेता है।

पेंसिल पानी में डालने पर मुड़ी हुई क्यों लगती है? — क्योंकि पानी के अंदर से आने वाला प्रकाश दिशा बदलता है → अपवर्तन।

अपवर्तन — स्नेल का नियम AB माध्यम 1 (वायु) — विरल माध्यम 2 (काँच) — सघन NN’ आपतित किरण i अपवर्तित r सघन माध्यम → किरण अभिलंब की ओर झुकती है (i > r)
चित्र 9.10: वायु से काँच में प्रकाश का अपवर्तन — अभिलंब की ओर झुकना
अपवर्तन के नियम
  1. आपतित किरण, अपवर्तित किरण तथा अभिलंब — तीनों एक ही तल में होते हैं
  2. स्नेल का नियम: sin i / sin r = स्थिरांक (अपवर्तनांक n₁₂)
sin i / sin r = n₁₂ (अपवर्तनांक)
  • विरल → सघन माध्यम: किरण अभिलंब की ओर झुकती है (i > r)
  • सघन → विरल माध्यम: किरण अभिलंब से दूर जाती है (r > i)
  • काँच के स्लैब से गुज़रने पर — निर्गत किरण आपतित के समांतर (थोड़ा पार्श्विक विस्थापन)
📊 9.3.2 अपवर्तनांक
निरपेक्ष अपवर्तनांक — वायु/निर्वात में प्रकाश की चाल तथा माध्यम में प्रकाश की चाल का अनुपात।
n = c/v     (c = 3×10⁸ m/s वायु में)

अपवर्तनांक जितना अधिक → प्रकाश की चाल उतनी कम → माध्यम उतना प्रकाशिक सघन

सारणी 9.3 — कुछ माध्यमों के अपवर्तनांक
माध्यमअपवर्तनांकमाध्यमअपवर्तनांक
वायु1.0003 ≈ 1क्राउन काँच1.52
बर्फ1.31कनाडा बालसम1.53
जल1.33कार्बन डाइसल्फाइड1.63
एल्कोहल1.36सघन फ्लिंट काँच1.65
किरोसिन1.44रूबी (मणिक्य)1.71
तारपीन का तेल1.47नीलम1.77
बेंजीन1.50हीरा2.42
हीरे का अपवर्तनांक = 2.42 (सबसे अधिक) → इसीलिए हीरा इतना चमकता है (पूर्ण आंतरिक परावर्तन)। जल = 1.33 याद रखो।
🔭 9.3.3 गोलीय लेंस
लेंस — दो गोलीय पृष्ठों से घिरा पारदर्शी माध्यम। दोनों पृष्ठ या एक पृष्ठ गोलीय हो सकता है।
उत्तल और अवतल लेंस उत्तल लेंस (अभिसारी) F₂ अवतल लेंस (अपसारी) F₁ (आभासी)
चित्र 9.12: उत्तल लेंस (अभिसारी) और अवतल लेंस (अपसारी)
पदउत्तल लेंसअवतल लेंस
प्रकृतिअभिसारीअपसारी
फोकसवास्तविक (दूसरी तरफ)आभासी (उसी तरफ)
f का चिह्न+ (धनात्मक)– (ऋणात्मक)
क्षमता P+ (धनात्मक)– (ऋणात्मक)
उपयोगआवर्धक लेंस, कैमरादूरदृष्टि दोष सुधार
📐 लेंस सूत्र + आवर्धन + क्षमता
लेंस सूत्र
1/v – 1/u = 1/f

v = प्रतिबिंब दूरी  |  u = बिंब दूरी  |  f = फोकस दूरी

आवर्धन
m = h’/h = v/u
लेंस की क्षमता (Power)
P = 1/f (मीटर में)    मात्रक = डायऑप्टर (D)
  • उत्तल लेंस → P धनात्मक
  • अवतल लेंस → P ऋणात्मक
  • संयुक्त लेंस → P = P₁ + P₂ + P₃ …
  • f = 1 मीटर → P = 1D  |  f = 10 cm = 0.1 m → P = 10D
दर्पण में: 1/v + 1/u = 1/f    m = –v/u
लेंस में: 1/v – 1/u = 1/f    m = v/u
याद रखो: दर्पण में जोड़, लेंस में घटाव
📋 सारणी 9.4 — उत्तल लेंस में प्रतिबिंब
बिंब की स्थितिप्रतिबिंब की स्थितिसाइज़प्रकृति
अनंत परफोकस F₂ परबिंदु, बहुत छोटावास्तविक, उलटा
2F₁ से परेF₂ तथा 2F₂ के बीचछोटावास्तविक, उलटा
2F₁ पर2F₂ परसमान साइज़वास्तविक, उलटा
F₁ तथा 2F₁ के बीच2F₂ से परेबड़ावास्तविक, उलटा
F₁ परअनंत परबहुत बड़ाप्रतिबिंब नहीं
O और F₁ के बीचबिंब के उसी ओरबड़ाआभासी, सीधा
उत्तल लेंस → O और F के बीच रखो → आवर्धक लेंस (बड़ा, सीधा, आभासी)।
अवतल लेंस → हमेशा → आभासी, सीधा, छोटा।

📌 आपने क्या सीखा

  • ∠i = ∠r — परावर्तन का नियम (सभी दर्पणों पर लागू)
  • दर्पण सूत्र: 1/v + 1/u = 1/f  |  f = R/2
  • आवर्धन (दर्पण): m = –v/u
  • अपवर्तन — एक माध्यम से दूसरे में जाने पर प्रकाश की दिशा बदलना
  • स्नेल का नियम: sin i / sin r = n (अपवर्तनांक)
  • n = c/v  |  जल n = 1.33, हीरा n = 2.42
  • उत्तल लेंस = अभिसारी (+f)  |  अवतल लेंस = अपसारी (–f)
  • लेंस सूत्र: 1/v – 1/u = 1/f  |  आवर्धन: m = v/u
  • लेंस की क्षमता: P = 1/f  |  मात्रक = डायऑप्टर (D)
  • निर्वात में प्रकाश की चाल = 3×10⁸ m/s (अधिकतम)
📜 PYQ 2015–2024 उत्तर सहित

CBSE Board Exam — Chapter 9: प्रकाश — परावर्तन तथा अपवर्तन

🔵 MCQ — 1 अंक
20241 अंक निम्न में से कौन-सा पदार्थ लेंस बनाने के लिए प्रयुक्त नहीं किया जा सकता?
(a) जल   (b) काँच   (c) प्लास्टिक   (d) मिट्टी
✅ उत्तर

(d) मिट्टी — लेंस बनाने के लिए पारदर्शी माध्यम चाहिए। मिट्टी अपारदर्शी है इसलिए लेंस नहीं बन सकता।

20231 अंक किसी बिंब का अवतल दर्पण द्वारा बना प्रतिबिंब आभासी, सीधा तथा बिंब से बड़ा पाया गया। वस्तु की स्थिति कहाँ होनी चाहिए?
(a) मुख्य फोकस तथा वक्रता केंद्र के बीच   (b) वक्रता केंद्र पर   (c) वक्रता केंद्र से परे   (d) दर्पण के ध्रुव तथा मुख्य फोकस के बीच
✅ उत्तर

(d) दर्पण के ध्रुव तथा मुख्य फोकस के बीच — जब बिंब P और F के बीच हो तो अवतल दर्पण आभासी, सीधा और बड़ा प्रतिबिंब बनाता है।

20221 अंक किसी बिंब का वास्तविक तथा समान साइज़ का प्रतिबिंब प्राप्त करने के लिए बिंब को उत्तल लेंस के सामने कहाँ रखें?
(a) लेंस के मुख्य फोकस पर   (b) फोकस दूरी की दोगुनी दूरी पर   (c) अनंत पर   (d) प्राशिक केंद्र तथा मुख्य फोकस के बीच
✅ उत्तर

(b) फोकस दूरी की दोगुनी दूरी पर (2F₁ पर) — जब बिंब 2F₁ पर हो, उत्तल लेंस 2F₂ पर समान साइज़ का वास्तविक, उलटा प्रतिबिंब बनाता है।

20211 अंक किसी गोलीय दर्पण तथा किसी पतले गोलीय लेंस दोनों की फोकस दूरियाँ –15 cm हैं। दर्पण तथा लेंस संभवतः हैं —
(a) दोनों अवतल   (b) दोनों उत्तल   (c) दर्पण अवतल लेंस उत्तल   (d) दर्पण उत्तल लेंस अवतल
✅ उत्तर

(a) दोनों अवतल — अवतल दर्पण: f ऋणात्मक। अवतल लेंस: f ऋणात्मक। दोनों के लिए f = –15 cm → दोनों अवतल।

20201 अंक किसी दर्पण से आप चाहे कितनी भी दूरी पर खड़े हों, आपका प्रतिबिंब सदैव सीधा प्रतीत होता है। संभवतः दर्पण है —
(a) केवल समतल   (b) केवल अवतल   (c) केवल उत्तल   (d) या तो समतल या उत्तल
✅ उत्तर

(d) या तो समतल या उत्तल — समतल दर्पण: हमेशा सीधा। उत्तल दर्पण: हमेशा आभासी, सीधा, छोटा। अवतल: दूर से उलटा बनता है।

🟡 लघु उत्तरीय — 2-3 अंक
20242 अंक उस उतल दर्पण की फोकस दूरी ज्ञात कीजिए जिसकी वक्रता त्रिज्या 32 cm है।
✅ उत्तर

R = +32 cm (उत्तल दर्पण, R धनात्मक)

f = R/2 = +32/2 = +16 cm

उत्तल दर्पण की फोकस दूरी = +16 cm

20233 अंक कोई अवतल दर्पण आमने-सामने 10 cm की दूरी पर रखे किसी बिंब का तीन गुना आवर्धित (बड़ा) वास्तविक प्रतिबिंब बनाता है। प्रतिबिंब दर्पण से कितनी दूरी पर है?
✅ उत्तर

u = –10 cm (बिंब दर्पण के सामने)

m = –3 (वास्तविक प्रतिबिंब → ऋणात्मक)

m = –v/u → –3 = –v/(–10) → v = –30 cm

प्रतिबिंब दर्पण के सामने 30 cm दूर है।

20222 अंक वायु में गमन करती प्रकाश की एक किरण जल में तिरछी प्रवेश करती है। क्या प्रकाश किरण अभिलंब की ओर झुकेगी या अभिलंब से दूर हटेगी? बताइए क्यों?
✅ उत्तर

प्रकाश किरण अभिलंब की ओर झुकेगी।

क्योंकि वायु विरल माध्यम (n = 1.0003) और जल सघन माध्यम (n = 1.33) है। विरल से सघन में जाने पर प्रकाश की चाल कम हो जाती है → किरण अभिलंब की ओर मुड़ती है (i > r)।

20213 अंक प्रकाश वायु से 1.50 अपवर्तनांक की काँच की प्लेट में प्रवेश करता है। काँच में प्रकाश की चाल कितनी होगी? निर्वात में प्रकाश की चाल 3×10⁸ m/s है।
✅ उत्तर

n = 1.50, c = 3×10⁸ m/s

n = c/v → v = c/n = 3×10⁸ / 1.50 = 2×10⁸ m/s

काँच में प्रकाश की चाल = 2×10⁸ m/s

🔴 दीर्घ उत्तरीय — 5 अंक
20245 अंक किसी अवतल लेंस की फोकस दूरी 15 cm है। बिंब को लेंस से 30 cm दूर रखें। लेंस से 10 cm दूरी पर प्रतिबिंब बने। बिंब-दूरी और लेंस का आवर्धन ज्ञात करें।
✅ उत्तर

f = –15 cm (अवतल), v = –10 cm (आभासी)

लेंस सूत्र से:

1/v – 1/u = 1/f
1/(–10) – 1/u = 1/(–15)
1/u = 1/(–10) – 1/(–15) = –1/10 + 1/15 = (–3+2)/30 = –1/30
u = –30 cm

आवर्धन:

m = v/u = (–10)/(–30) = +1/3 = +0.33

प्रतिबिंब आभासी, सीधा और बिंब का 1/3 गुना छोटा है।

20225 अंक उत्तल लेंस के लिए बिंब की विभिन्न स्थितियों में प्रतिबिंब की प्रकृति, स्थिति और साइज़ सारणी बनाइए। किस स्थिति में आवर्धक लेंस की तरह काम करता है?
✅ उत्तर
बिंब की स्थितिप्रतिबिंबप्रकृति
अनंतF₂ परवास्तविक, उलटा, बहुत छोटा
2F₁ से परेF₂ व 2F₂ के बीचवास्तविक, उलटा, छोटा
2F₁ पर2F₂ परवास्तविक, उलटा, समान
F₁ व 2F₁ बीच2F₂ से परेवास्तविक, उलटा, बड़ा
F₁ परअनंतप्रतिबिंब नहीं
O व F₁ बीचउसी ओरआभासी, सीधा, बड़ा

आवर्धक लेंस: जब बिंब O और F₁ के बीच हो → आभासी, सीधा, बड़ा प्रतिबिंब → आवर्धक लेंस की तरह काम करता है।

20193 अंक सिद्ध करें: किसी गोलीय दर्पण की फोकस दूरी उसकी वक्रता त्रिज्या की आधी होती है। (f = R/2)
✅ उत्तर
  1. मुख्य अक्ष के समांतर एक किरण MP अवतल दर्पण पर आपतित होती है
  2. यह C से गुज़रने वाली अभिलंब पर परावर्तित होती है
  3. ∠MCP = ∠PCF (परावर्तन के नियम से)
  4. चूँकि MP || मुख्य अक्ष → ∠MCP = ∠CPF (एकांतर कोण)
  5. ∴ ∠CPF = ∠PCF → त्रिभुज CPF समद्विबाहु → PF = CF
  6. CF = R/2 (C दर्पण का केंद्र, CP = R)
  7. f = PF = R/2
📚 Class 10 NCERT Science · Chapter 9: प्रकाश — परावर्तन तथा अपवर्तन
ये नोट्स NCERT Reprint 2025-26 के अनुसार बनाए गए हैं।

Class 10 Science Chapter 1 : Read Now

Class 10 Science Chapter 2 : Read Now

Class 10 Science Chapter 3 : Read Now

Class 10 Hindi Chapter 1 : Read Now

Class 10 Hindi Chapter 2 : Read Now

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