Class 10 Science Chapter 8 आनुवंशिकता Notes in Hindi PDF | Anuvanshikta Question Answer | Heredity

Class 10 Science Chapter 8 आनुवंशिकता Notes in Hindi PDF with Question Answer

नमस्कार साथियों आज हम इस पोस्ट में अध्याय 8 अनुवांशिकता के बारे में पढ़ेंगे।जो आपके एग्जाम की दृष्टि से बहुत ही महत्वपूर्ण है।

आनुवंशिकता Class 10 Notes in Hindi | Heredity NCERT Chapter 8
CLASS 10 · NCERT SCIENCE · CHAPTER 8
आनुवंशिकता
Heredity — हिंदी नोट्स
🧬 🌱 👨‍👩‍👧‍👦 🔬
Reprint 2025-26
🌿 8.1 जनन के दौरान विभिन्नताओं का संचयन

जब नए जीव पैदा होते हैं तो वे अपने माता-पिता जैसे होते हैं — लेकिन बिल्कुल एक जैसे नहीं। कुछ न कुछ फ़र्क ज़रूर होता है। यही विभिन्नता (Variation) है।

विभिन्नता — जनन के दौरान DNA में होने वाले परिवर्तनों के कारण संतानों में माता-पिता से अलग लक्षण उत्पन्न होना।
  • अलैंगिक जनन — विभिन्नताएँ बहुत कम, DNA नकल में थोड़ी गलतियाँ
  • लैंगिक जनन — विभिन्नताएँ अधिक, दो जनकों के DNA मिलते हैं
  • विभिन्नताएँ जीव की उत्तरजीविता में मदद करती हैं
  • पर्यावरण के अनुसार उत्तम परिवर्तन का प्राकृतिक चयन होता है
लैंगिक जनन में विभिन्नताएँ अधिक क्यों? — क्योंकि दो अलग-अलग जनकों के DNA का मिश्रण होता है। हर बच्चे को माँ और पिता दोनों से अलग-अलग जीन मिलते हैं।
🧬 8.2 आनुवंशिकता
आनुवंशिकता — वह प्रक्रिया जिसके द्वारा माता-पिता के लक्षण संतानों में पूरी विश्वसनीयता के साथ वंशागत होते हैं।

आनुवंशिकता के नियम सबसे पहले ग्रेगर जॉन मेंडल (1822-1884) ने दिए। उन्होंने मटर के पौधों पर लगभग 8 साल प्रयोग किए।

ग्रेगर जॉन मेंडल (1822-1884) मटर (Pisum sativum) पर प्रयोग किए 7 जोड़ी विकल्पी लक्षणों का अध्ययन किया आनुवंशिकता के नियमों के जनक माने जाते हैं
मेंडल ने मटर के 7 जोड़ी लक्षण चुने —
लक्षणप्रभावीअप्रभावी
लंबाईलंबा (T)बौना (t)
बीज का रंगपीला (Y)हरा (y)
बीज का आकारगोल (R)झुर्रीदार (r)
फूल का रंगबैंगनीसफेद
फली का रंगहरीपीली
फली का आकारभरीसंकुचित
फूल की स्थितिअक्षीयशीर्षस्थ
🔬 8.2.1 वंशागत लक्षण
प्रभावी लक्षण — F₁ पीढ़ी में जो लक्षण दिखाई देता है — जैसे लंबाई (T)।
अप्रभावी लक्षण — F₁ में छिप जाता है लेकिन F₂ में वापस आता है — जैसे बौनापन (t)।

कर्णपालि (ear lobe) का उदाहरण —

  • स्वतंत्र कर्णपालि = प्रभावी लक्षण
  • जुड़ी कर्णपालि = अप्रभावी लक्षण
मेंडल ने मटर क्यों चुना? — (1) लैंगिक + स्वपरागण आसान, (2) एक वर्ष में दो फसल, (3) लक्षण आसानी से दिखते हैं, (4) हर पीढ़ी की गणना की।
🌱 8.2.2 लक्षणों की वंशागति — मेंडल के नियम
एकसंकर संकरण (Monohybrid Cross)

लंबे (TT) × बौने (tt) पौधों का संकरण —

एकसंकर संकरण — लंबाई TT लंबा (P) tt बौना (P) × संकरण Tt (सभी लंबे) F₁ पीढ़ी — 100% लंबे स्वनिषेचन F₂ पीढ़ी TT Tt Tt tt अनुपात = 3 लंबे : 1 बौना (3:1)
चित्र 8.4: एकसंकर संकरण — F₁ में सब लंबे, F₂ में 3:1 अनुपात
F₁ पीढ़ी = पहली संतान पीढ़ी — सभी Tt (लंबे)
F₂ पीढ़ी = F₁ का स्वनिषेचन — 3 लंबे : 1 बौना
जीनोटाइप: TT : Tt : tt = 1 : 2 : 1
फीनोटाइप: लंबा : बौना = 3 : 1
द्विसंकर संकरण (Dihybrid Cross)

दो लक्षणों का एक साथ अध्ययन — गोल पीले (RRYY) × झुर्रीदार हरे (rryy)

द्विसंकर संकरण परिणाम F₁ = RrYy (गोल, पीले) स्वनिषेचन F₂ — 4 प्रकार के पौधे गोल + पीले 9 गोल + हरे 3 झुर्री + पीले 3 झुर्री + हरे 1 F₂ अनुपात = 9 : 3 : 3 : 1 कुल 16 संयोग
चित्र 8.5: द्विसंकर संकरण — F₂ में 9:3:3:1 का अनुपात
मेंडल के नियम
  1. प्रभाविता का नियम: F₁ पीढ़ी में केवल प्रभावी लक्षण दिखता है, अप्रभावी छिप जाता है।
  2. पृथक्करण का नियम: F₂ में प्रभावी और अप्रभावी 3:1 अनुपात में अलग होते हैं।
  3. स्वतंत्र अपव्यूहन का नियम: दो लक्षण स्वतंत्र रूप से वंशागत होते हैं, F₂ में 9:3:3:1।
F₁ में सभी Tt → लंबे दिखते हैं → T प्रभावी, t अप्रभावी
F₂ में — TT (25%) + Tt (50%) + tt (25%) → लंबे:बौने = 3:1
🔬 8.2.3 लक्षण कैसे व्यक्त होते हैं — DNA और जीन
जीन — DNA का वह भाग जो किसी प्रोटीन के संश्लेषण के लिए सूचना रखता है। जीन ही लक्षणों को नियंत्रित करते हैं।

उदाहरण — मटर की लंबाई:

  • लंबाई → हॉर्मोन द्वारा नियंत्रित
  • हॉर्मोन बनाने का काम → एंज़ाइम करता है
  • एंज़ाइम बनाने की सूचना → जीन (DNA) में होती है
  • अगर जीन में परिवर्तन → एंज़ाइम कम/ज़्यादा → लंबाई बदलती है
शब्दअर्थ
जीन (Gene)DNA का वह भाग जो एक प्रोटीन बनाने की सूचना रखे
एलील (Allele)एक जीन के विकल्पी रूप — जैसे T और t
जीनोटाइपजीन की वास्तविक संरचना — जैसे TT, Tt, tt
फीनोटाइपदिखने वाला लक्षण — लंबा या बौना
समयुग्मजीदोनों एलील एक जैसे — TT या tt
विषमयुग्मजीदोनों एलील अलग — Tt
गुणसूत्रDNA का संगठित रूप — जिसमें जीन होते हैं
हर सामान्य कोशिका में जीन की दो प्रतियाँ (copies) होती हैं।
जनन कोशिका (युग्मक) में केवल एक सेट
निषेचन पर दोनों जनकों से एक-एक → फिर से दो सेट
👦👧 8.2.4 लिंग निर्धारण
मनुष्य में लिंग निर्धारण आनुवंशिक होता है — बच्चे का लिंग पिता से मिलने वाले गुणसूत्र पर निर्भर करता है।
मानव में लिंग निर्धारण माता (XX) युग्मक: सभी X पिता (XY) युग्मक: X या Y XX → लड़की 👧 XY → लड़का 👦 50% लड़की : 50% लड़का
चित्र 8.6: मानव में लिंग निर्धारण — X और Y गुणसूत्र
  • स्त्री में गुणसूत्र — XX (दोनों X)
  • पुरुष में गुणसूत्र — XY (एक X, एक Y)
  • माता के सभी युग्मक X वाले होते हैं
  • पिता के आधे X, आधे Y वाले
  • X + X मिले → लड़की (XX)
  • X + Y मिले → लड़का (XY)
  • इसलिए बच्चे का लिंग पिता पर निर्भर — माँ पर नहीं!
कुल गुणसूत्र = 46 (23 जोड़े)। 22 जोड़े ऑटोसोम + 1 जोड़ा लिंग गुणसूत्र
Y गुणसूत्र X से छोटा होता है। इसीलिए पुरुष में एक जोड़ा पूर्ण नहीं होता।
लड़का होगा या लड़की — यह पूरी तरह पिता के गुणसूत्र पर निर्भर है। माँ को दोष देना वैज्ञानिक रूप से गलत है!

📌 आपने क्या सीखा

  • जनन में विभिन्नताएँ → DNA परिवर्तन → नए लक्षण
  • आनुवंशिकता → माता-पिता से संतानों में लक्षण वंशागत
  • मेंडल → मटर पर प्रयोग → प्रभावी-अप्रभावी लक्षण
  • F₁ → सभी प्रभावी | F₂ → 3:1 अनुपात (फीनोटाइप)
  • F₂ जीनोटाइप → 1:2:1 (TT:Tt:tt)
  • द्विसंकर F₂ → 9:3:3:1 अनुपात
  • जीन → DNA का भाग → प्रोटीन → लक्षण नियंत्रण
  • लिंग निर्धारण → पिता के X या Y गुणसूत्र पर निर्भर
  • स्त्री = XX | पुरुष = XY | कुल = 46 गुणसूत्र
📜 PYQ 2015–2024 उत्तर सहित

CBSE Board Exam — Chapter 8: आनुवंशिकता

🔵 MCQ — 1 अंक
20241 अंक मेंडल के एक प्रयोग में लंबे मटर के पौधे जिनके बैंगनी पुष्प थे, का संकरण बौने पौधों जिनके सफेद पुष्प थे, से कराया गया। इनकी संतति के सभी पौधों में पुष्प बैंगनी रंग के थे परंतु उनमें से लगभग आधे बौने थे। इससे कहा जा सकता है कि लंबे जनक पौधों की आनुवंशिक रचना थी —
(a) TTWW   (b) TTww   (c) TtWW   (d) TtWw
✅ उत्तर

(d) TtWw — संतति में आधे बौने = Tt × tt → 50% लंबे, 50% बौने। सभी बैंगनी = W प्रभावी। अतः लंबे जनक = TtWw।

20231 अंक एक अध्ययन से पता चला कि हल्के रंग की आँखों वाले बच्चों के जनक (माता-पिता) की आँखें भी हल्के रंग की होती हैं। इसके आधार पर क्या हम कह सकते हैं कि आँखों के हल्के रंग का लक्षण प्रभावी है अथवा अप्रभावी?
(a) प्रभावी   (b) अप्रभावी   (c) दोनों   (d) कह नहीं सकते
✅ उत्तर

(d) कह नहीं सकते — केवल इस जानकारी से प्रभावी/अप्रभावी का निर्धारण नहीं होता। इसके लिए विभिन्न लक्षणों वाले जनकों का संकरण और F₂ परिणाम देखना होगा।

20221 अंक मानव में बच्चे का लिंग निर्धारण किससे होता है?
(a) माँ के X गुणसूत्र से   (b) पिता के X या Y गुणसूत्र से   (c) दोनों के X से   (d) माँ के Y से
✅ उत्तर

(b) पिता के X या Y गुणसूत्र से — माँ के सभी युग्मक X वाले होते हैं। पिता से X मिले → XX = लड़की; Y मिले → XY = लड़का।

20211 अंक यदि एक ‘A-रुधिर वर्ग’ वाला पुरुष एक स्त्री जिसका रुधिर वर्ग ‘O’ है, से विवाह करता है। उनकी पुत्री का रुधिर वर्ग ‘O’ है। क्या यह सूचना पर्याप्त है? — पिता का जीनोटाइप था —
(a) AA   (b) AO   (c) OO   (d) AB
✅ उत्तर

(b) AO — पुत्री का रुधिर वर्ग ‘O’ (oo) है। माँ से ‘O’ मिला, पिता से भी ‘O’ मिला होगा। इसलिए पिता का जीनोटाइप AO (विषमयुग्मजी) था।

🟡 लघु उत्तरीय — 2-3 अंक
20242 अंक मेंडल के प्रयोगों द्वारा कैसे पता चला कि लक्षण प्रभावी अथवा अप्रभावी होते हैं?
✅ उत्तर

मेंडल ने लंबे × बौने मटर का संकरण कराया —

  • F₁ पीढ़ी में सभी पौधे लंबे थे — बौनापन गायब हो गया
  • इसलिए लंबाई प्रभावी और बौनापन अप्रभावी लक्षण
  • F₂ में बौनापन वापस आ गया → सिद्ध हुआ कि अप्रभावी लक्षण खोया नहीं था, बस छिपा था
20232 अंक मेंडल के प्रयोगों से कैसे पता चला कि विभिन्न लक्षण स्वतंत्र रूप से वंशानुगत होते हैं?
✅ उत्तर

मेंडल ने द्विसंकर संकरण में गोल-पीले × झुर्रीदार-हरे का संकरण कराया —

  • F₂ पीढ़ी में 9:3:3:1 का अनुपात मिला
  • नए संयोजन मिले — गोल+हरे और झुर्रीदार+पीले (जो पहले नहीं थे)
  • इससे सिद्ध हुआ कि बीज का रंग और आकार स्वतंत्र रूप से वंशागत होते हैं
20222 अंक मानव में बच्चे का लिंग निर्धारण कैसे होता है?
✅ उत्तर
  • माँ में — XX गुणसूत्र → सभी युग्मक X वाले
  • पिता में — XY गुणसूत्र → आधे X वाले, आधे Y वाले
  • माँ का X + पिता का X → XX = लड़की
  • माँ का X + पिता का Y → XY = लड़का
  • संभावना — 50% लड़की, 50% लड़का
  • अतः लिंग निर्धारण पिता पर निर्भर है, माँ पर नहीं
20213 अंक विभिन्नताओं के उत्पन्न होने से किसी स्पीशीज़ का अस्तित्व किस प्रकार बढ़ जाता है?
✅ उत्तर
  • विभिन्नताएँ जीवों को विभिन्न वातावरणों के अनुकूल बनाती हैं
  • यदि तापमान अधिक हो → ऊष्मा सहन करने वाले जीव जीवित रहेंगे
  • अनुकूल विभिन्नताएँ — अगली पीढ़ी में वंशागत होंगी
  • प्राकृतिक चयन → उत्तम विभिन्नताओं का चयन
  • यही जैव विकास का आधार है
🔴 दीर्घ उत्तरीय — 5 अंक
20245 अंक मेंडल के एकसंकर संकरण प्रयोग का वर्णन कीजिए। F₁ और F₂ पीढ़ी के परिणाम, जीनोटाइप एवं फीनोटाइप अनुपात सहित।
✅ उत्तर

प्रयोग: लंबे (TT) × बौने (tt) मटर का संकरण।

  1. P पीढ़ी: TT × tt → लंबा × बौना
  2. F₁ पीढ़ी: सभी Tt → सभी लंबे दिखते हैं (प्रभाविता का नियम)
  3. F₁ का स्वनिषेचन: Tt × Tt → F₂ पीढ़ी
  4. F₂ जीनोटाइप: TT : Tt : tt = 1 : 2 : 1
  5. F₂ फीनोटाइप: लंबे : बौने = 3 : 1
F₂ में बौनापन वापस आया → सिद्ध हुआ कि F₁ में लक्षण छिपा था, खोया नहीं।
इसे पृथक्करण का नियम कहते हैं।
20235 अंक संतति में नर एवं मादा जनकों द्वारा आनुवंशिक योगदान में बराबर की भागीदारी किस प्रकार सुनिश्चित की जाती है?
✅ उत्तर
  • हर कोशिका में जीन की दो प्रतियाँ (2 सेट) होती हैं
  • जनन कोशिका (युग्मक) में केवल एक सेट — अर्धसूत्री विभाजन से
  • नर युग्मक में एक सेट + मादा युग्मक में एक सेट
  • निषेचन पर → फिर दो सेट बन जाते हैं
  • अतः संतति को माँ से 50% + पिता से 50% जीन मिलते हैं

यही कारण है कि संतानों में माँ और पिता दोनों के लक्षण दिखते हैं।

20195 अंक कुत्ते की खाल का प्रभावी रंग ज्ञात करने के उद्देश्य से एक प्रोजेक्ट बनाइए।
✅ उत्तर

प्रयोग:

  1. दो अलग-अलग रंग के कुत्तों का संकरण कराएँ (जैसे काला × सफेद)
  2. F₁ संतति के सभी पिल्लों का रंग देखें
  3. जो रंग सभी F₁ पिल्लों में दिखे → वही प्रभावी
  4. F₁ पिल्लों का आपस में संकरण कराएँ
  5. F₂ में 3:1 अनुपात — जो लक्षण 3 में → प्रभावी, जो 1 में → अप्रभावी
यदि F₁ में सभी काले हैं → काला प्रभावी। F₂ में 3 काले : 1 सफेद → पुष्टि।
📚 Class 10 NCERT Science · Chapter 8: आनुवंशिकता (Heredity)
ये नोट्स NCERT Reprint 2025-26 के अनुसार बनाए गए हैं।

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