Utsaah At Nahi Rahi Class 10 Hindi Notes 2026 | Nirala UP Board

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📢 Board Exam 2026 में यह Chapter जरूर आएगा!

निराला की कविता से 8-10 नंबर के प्रश्न आते हैं। उत्साह और अट नहीं रही है — दोनों का भावार्थ याद करो! 🎯

🌿 CHAPTER 4 • HINDI KSHITIJ • CLASS 10

सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’

उत्साह और अट नहीं रही है — भावार्थ • अलंकार • MCQ • Board Exam 2026

📚 हिंदी क्षितिज 📖 Chapter 4 🎯 UP Board 2026 ✅ Board Exam Ready

✍️ कवि परिचय — सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’

जन्म
1896 ई. (बंगाल)
मृत्यु
1961 ई. (इलाहाबाद)
युग
छायावाद युग
प्रमुख रचना
अनामिका, परिमल
भाषा
खड़ीबोली
विशेषता
मुक्त छंद के जनक

महत्वपूर्ण बातें:

  • निराला छायावाद के चार प्रमुख कवियों में से एक हैं।
  • छायावाद के चार कवि — प्रसाद, पंत, निराला, महादेवी वर्मा।
  • निराला को “मुक्त छंद का जनक” कहा जाता है।
  • इनकी कविता में प्रकृति चित्रण, विद्रोह और मानवता का भाव है।
  • प्रमुख रचनाएं — अनामिका, परिमल, गीतिका, तुलसीदास।
📌 Board Exam Tip: निराला का जन्म, युग, विशेषता और प्रमुख रचना जरूर याद करें।

📜 पहली कविता — उत्साह

💡 उत्साह कविता में कवि बादल को क्रांति और नई कविता का प्रतीक मानता है।
🌩️ उत्साह — मूल पाठ
बादल, गरजो!–
घेर घेर घोर गगन, धाराधर ओ!
ललित ललित, काले घुँघराले,
बाल कल्पना के−से पाले,
विद्युत्-छबि उर में, कवि, नवजीवन वाले!
वज्र छिपा, नूतन कविता
फिर भर दो–बादल, गरजो!
विकल विकल, उन्मन थे उन्मन
विश्व के निदाघ के सकल जन,
आए अज्ञात दिशा से अनंत के घन!
तप्त धरा, जल से फिर
शीतल कर दो–बादल, गरजो!

कठिन शब्दों के अर्थ:

शब्दअर्थ
धाराधरबादल, वर्षा धारण करने वाला
ललितसुंदर, कोमल
घुँघरालेघुंघराले बाल जैसे
विद्युत्-छबिबिजली की चमक
वज्रबिजली का हथियार
नूतननई, नयी
विकलव्याकुल, बेचैन
उन्मनउदास, बेमन
निदाघभीषण गर्मी
तप्त धरागर्मी से जली हुई धरती
घनबादल

उत्साह कविता का भावार्थ:

कवि बादल को संबोधित करते हुए कहता है — “हे बादल! गरजो!” बादल के काले घुँघराले बाल बच्चों की कल्पना जैसे लगते हैं। बादल के हृदय में बिजली की चमक है।

कवि बादल से कहता है — “नई कविता फिर भर दो।” संसार के लोग गर्मी से व्याकुल और उदास हैं। अज्ञात दिशा से बादल आए हैं। तपी हुई धरती को जल से शीतल कर दो।

💡 बादल दो प्रतीक हैं — 1. क्रांति का प्रतीक 2. नई कविता का प्रतीक
📌 Board Exam Tip: “बादल किन-किन अर्थों में प्रयुक्त है?” — यह 5 नंबर का प्रश्न है।

📜 दूसरी कविता — अट नहीं रही है

💡 इस कविता में फागुन (वसंत) की सुंदरता का वर्णन है जो हर जगह समा गई है।
🌸 अट नहीं रही है — मूल पाठ
अट नहीं रही है
आभा फागुन की तन
सट नहीं रही है।
कहीं साँस लेते हो,
घर-घर भर देते हो,
उड़ने को नभ में तुम
पर-पर कर देते हो,
आँख हटाता हूँ तो
हट नहीं रही है।
पत्तों से लदी डाल
कहीं हरी, कहीं लाल,
कहीं पड़ी है उर में
मंद-गंध-पुष्प-माल,
पाट-पाट शोभा-श्री
पट नहीं रही है।

कठिन शब्दों के अर्थ:

शब्दअर्थ
अट नहीं रहीसमा नहीं रही, इतनी ज्यादा है कि समाती नहीं
आभाचमक, सुंदरता
फागुनवसंत ऋतु का महीना
नभआकाश
पर-परपंख फैलाना
मंद-गंधहल्की-हल्की खुशबू
पुष्प-मालफूलों की माला
पाट-पाटहर जगह
शोभा-श्रीसुंदरता और शोभा
पट नहीं रहीभरी नहीं जा रही, समा नहीं रही

अट नहीं रही है — भावार्थ:

कवि फागुन की सुंदरता का वर्णन करता है। फागुन की सुंदरता इतनी अधिक है कि कहीं समा नहीं रही।

कवि फागुन को संबोधित करते हुए कहता है — “तुम जहाँ साँस लेते हो, घर-घर भर देते हो। आकाश में उड़ने को पंख फड़फड़ाते हो।”

पत्तों से लदी डालें कहीं हरी कहीं लाल हैं। हृदय में फूलों की माला है। हर जगह सुंदरता समाई है — पट नहीं रही।

⚠️ “अट नहीं रही” और “पट नहीं रही” — इन दोनों का अर्थ परीक्षा में जरूर पूछा जाता है।
📌 Board Exam Tip: फागुन की सुंदरता का वर्णन 5 नंबर का प्रश्न है।

⚖️ दोनों कविताओं की तुलना

आधारउत्साहअट नहीं रही है
विषयबादल — क्रांति का प्रतीकफागुन — प्रकृति की सुंदरता
ऋतुवर्षा ऋतुवसंत ऋतु (फागुन)
भावउत्साह और विद्रोहसौंदर्य और आनंद
रसवीर रसश्रृंगार रस
मुख्य प्रतीकबादलफागुन
📌 Board Exam Tip: दोनों कविताओं की तुलना 5 नंबर का प्रश्न है।

✨ काव्य विशेषताएं

विशेषताविवरण
भाषाखड़ीबोली — सरल और प्रभावशाली
छंदमुक्त छंद
रसउत्साह = वीर | अट = श्रृंगार
अलंकारअनुप्रास, मानवीकरण, पुनरुक्ति
युगछायावाद

🌸 महत्वपूर्ण अलंकार

पंक्तिअलंकारकारण
घेर घेर घोर गगनअनुप्रास‘घ’ वर्ण की आवृत्ति
विकल विकल, उन्मन थे उन्मनपुनरुक्तिशब्द दोहराए गए
बादल, गरजो!मानवीकरणबादल को मानव की तरह बोला
कहीं साँस लेते होमानवीकरणफागुन को मानव की तरह
पाट-पाट शोभा-श्रीपुनरुक्तिपाट-पाट दोहराया
📌 Board Exam Tip: मानवीकरण और अनुप्रास परीक्षा में जरूर पूछे जाते हैं।

📝 Board Exam 2026 — महत्वपूर्ण Q&A

📝 2 अंक के प्रश्न

Q1. उत्साह कविता में बादल किसका प्रतीक है?
उत्तर: उत्साह कविता में बादल दो चीजों का प्रतीक है — (1) क्रांति का प्रतीक — जैसे बादल पुरानी व्यवस्था को बदलता है उसी तरह क्रांति पुरानी व्यवस्था बदलती है। (2) नई कविता का प्रतीक — कवि बादल से नई कविता भरने को कहता है।
Q2. “अट नहीं रही है” का क्या अर्थ है?
उत्तर: “अट नहीं रही है” का अर्थ है — समा नहीं रही। फागुन की सुंदरता इतनी अधिक है कि वह कहीं समा नहीं रही। हर जगह फागुन की चमक और खुशबू फैली हुई है।
Q3. निराला को मुक्त छंद का जनक क्यों कहते हैं?
उत्तर: निराला ने हिंदी कविता में पहली बार मुक्त छंद का प्रयोग किया। मुक्त छंद में कोई निश्चित मात्रा या यति नहीं होती। इन्होंने कविता को परंपरागत छंद के बंधन से मुक्त किया इसलिए इन्हें मुक्त छंद का जनक कहते हैं।

📝 5 अंक के प्रश्न

Q4. उत्साह कविता का भावार्थ लिखिए।
उत्तर: उत्साह कविता में कवि निराला बादल को संबोधित करते हैं।

कवि कहता है — “हे बादल! गरजो!” बादल के काले घुँघराले बाल बच्चों की कल्पना जैसे लगते हैं। बादल के हृदय में बिजली की चमक है।

कवि बादल से नई कविता भरने को कहता है। संसार के लोग गर्मी से व्याकुल हैं। अज्ञात दिशा से बादल आए हैं।

अंत में कवि कहता है — “तप्त धरा को जल से शीतल कर दो।”

इस प्रकार बादल क्रांति और नई कविता दोनों का प्रतीक है।
Q5. अट नहीं रही है कविता में फागुन की क्या विशेषताएं बताई गई हैं?
उत्तर: अट नहीं रही है कविता में फागुन की निम्नलिखित विशेषताएं बताई गई हैं —

1. फागुन की सुंदरता इतनी है कि कहीं समा नहीं रही।
2. फागुन जहाँ साँस लेता है — घर-घर भर देता है।
3. आकाश में उड़ने को पंख फड़फड़ाता है।
4. पत्तों से लदी डालें कहीं हरी कहीं लाल हैं।
5. हर जगह फूलों की माला और हल्की खुशबू है।
6. हर जगह शोभा और सुंदरता — पट नहीं रही।

🎯 MCQ — Board Exam 2026

Q1. निराला किस युग के कवि हैं?

  • (a) भक्तिकाल
  • (b) छायावाद युग ✅ सही उत्तर
  • (c) रीतिकाल
  • (d) आधुनिक काल

Q2. उत्साह कविता में बादल किसका प्रतीक है?

  • (a) केवल वर्षा का
  • (b) क्रांति और नई कविता का ✅ सही उत्तर
  • (c) केवल गर्मी का
  • (d) केवल शीतलता का

Q3. “घेर घेर घोर गगन” में कौन सा अलंकार है?

  • (a) उपमा
  • (b) रूपक
  • (c) अनुप्रास ✅ सही उत्तर
  • (d) यमक

Q4. “अट नहीं रही है” कविता किस ऋतु पर है?

  • (a) वर्षा ऋतु
  • (b) शीत ऋतु
  • (c) वसंत ऋतु ✅ सही उत्तर
  • (d) ग्रीष्म ऋतु

Q5. निराला को क्या कहा जाता है?

  • (a) वात्सल्य रस के सम्राट
  • (b) मुक्त छंद के जनक ✅ सही उत्तर
  • (c) भक्तिकाल के कवि
  • (d) हिंदी साहित्य के सूर्य

Q6. “फागुन” का क्या अर्थ है?

  • (a) वर्षा का महीना
  • (b) वसंत का महीना ✅ सही उत्तर
  • (c) गर्मी का महीना
  • (d) सर्दी का महीना

🎯 Board Exam 2026 — यह जरूर याद करें!

  • निराला जन्म = 1896 ई. | बंगाल
  • छायावाद के 4 कवि = प्रसाद, पंत, निराला, महादेवी
  • निराला = मुक्त छंद के जनक
  • उत्साह = बादल → क्रांति + नई कविता का प्रतीक
  • अट नहीं रही = फागुन की सुंदरता समा नहीं रही
  • घेर घेर घोर गगन = अनुप्रास अलंकार
  • बादल गरजो = मानवीकरण अलंकार
  • इस Chapter से 8-10 नंबर के प्रश्न आते हैं

हमने कई different subject chapter के नोट्स create कर चुके है। जिनका लिंक नीचे दिए गए हैं जाकर पढ़ सकते हो।

CLASS 10 हिंदी CHAPTER 1: Read Now

CLASS 10 हिंदी CHAPTER 2:Read Now

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