
📢 UP Board Exam 2026 में यह पाठ जरूर पढ़ें!
नेताजी का चश्मा पाठ से 10-12 नंबर के प्रश्न आते हैं। कैप्टन का चरित्र और पाठ का संदेश याद करो — नंबर पक्के! 🎯
स्वयं प्रकाश — नेताजी का चश्मा
Netaji Ka Chashma — पाठ सार • पात्र • MCQ • Q&A • Board Exam 2026
दोस्तों, इस पोस्ट में हमने Class 10 Hindi Chapter 7 स्वयं प्रकाश की कहानी नेताजी का चश्मा के सम्पूर्ण नोट्स तैयार किए हैं। यह कहानी देशभक्ति और आम आदमी के योगदान पर आधारित है। UP Board Exam 2026 के लिए यह notes बहुत उपयोगी हैं।
✍️ लेखक परिचय — स्वयं प्रकाश
लेखक के बारे में:
- स्वयं प्रकाश समकालीन हिंदी कहानी के प्रमुख लेखक हैं।
- इनकी कहानियों में आम आदमी का जीवन और देशभक्ति दिखती है।
- इन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और नौकरी भी की।
📖 पाठ का परिचय
नेताजी का चश्मा — यह कहानी एक छोटे कस्बे की है जहाँ नेताजी सुभाषचंद्र बोस की संगमरमर की मूर्ति लगाई गई। मूर्ति पर चश्मा नहीं था। एक गरीब चश्मे वाला कैप्टन बारी-बारी से अलग-अलग चश्मे मूर्ति पर लगाता था। यह कहानी देशभक्ति के छोटे-छोटे कार्यों की महत्ता बताती है।
📝 पाठ का सार (Summary)
पहला भाग — कस्बे का परिचय:
हालदार साहब हर पंद्रहवें दिन एक छोटे कस्बे से गुजरते थे। कस्बे में एक नगरपालिका थी जो कभी-कभी काम करती थी। नगरपालिका ने मुख्य बाजार के चौराहे पर नेताजी सुभाषचंद्र बोस की संगमरमर की मूर्ति लगवाई।
दूसरा भाग — मूर्ति का वर्णन:
मूर्ति सुंदर थी — फौजी वर्दी में, “दिल्ली चलो” का भाव था। लेकिन एक कमी थी — मूर्ति पर चश्मा नहीं था। एक मोटे फ्रेम का काला चश्मा मूर्ति को पहनाया गया था लेकिन वह संगमरमर का नहीं था — असली चश्मा था।
तीसरा भाग — कैप्टन का परिचय:
हालदार साहब ने पान वाले से पूछा तो पता चला कि एक कैप्टन चश्मे वाला मूर्ति पर चश्मा लगाता है। कैप्टन एक गरीब, बूढ़ा और लँगड़ा चश्मे वाला था। वह नेताजी का बहुत बड़ा भक्त था। जब कोई उसी फ्रेम का चश्मा खरीदता तो वह दूसरा चश्मा मूर्ति पर लगा देता।
चौथा भाग — कैप्टन की मृत्यु:
एक बार हालदार साहब ने देखा कि मूर्ति पर चश्मा नहीं था। पान वाले ने बताया कि कैप्टन मर गया। हालदार साहब की आँखें भर आईं।
पाँचवाँ भाग — बच्चे की देशभक्ति:
अगली बार हालदार साहब ने देखा कि मूर्ति पर सरकंडे से बना छोटा चश्मा था — किसी बच्चे ने बनाकर लगाया था। यह देखकर हालदार साहब की आँखें भर आईं और वे आगे बढ़ गए।
🎭 प्रमुख पात्रों का चरित्र चित्रण
कैप्टन चश्मे वाला:
- गरीब, बूढ़ा और लँगड़ा था।
- छोटी सी दुकान पर चश्मे बेचता था।
- नेताजी का सच्चा भक्त था।
- बारी-बारी से अलग-अलग चश्मे मूर्ति पर लगाता था।
- सेनानी न होते हुए भी लोग उसे कैप्टन कहते थे।
हालदार साहब:
- कंपनी के काम से हर पंद्रह दिन कस्बे से गुजरते थे।
- मूर्ति में रुचि रखते थे।
- देशभक्ति के प्रति संवेदनशील थे।
- कैप्टन की मृत्यु पर भावुक हो गए।
🔑 महत्वपूर्ण प्रश्न — सेनानी न होते हुए भी कैप्टन क्यों?
कैप्टन कभी सेना में नहीं रहा था। लेकिन उसके मन में नेताजी के प्रति गहरी श्रद्धा थी। वह नेताजी की मूर्ति पर हमेशा चश्मा लगाता था। उसकी देशभक्ति और समर्पण को देखकर लोग उसे कैप्टन कहने लगे।
📝 कठिन शब्दों के अर्थ
| शब्द | अर्थ |
|---|---|
| कस्बा | छोटा शहर |
| संगमरमर | सफेद पत्थर जिससे मूर्तियाँ बनती हैं |
| नगरपालिका | शहर की स्थानीय सरकार |
| बस्ट | केवल ऊपरी हिस्से की मूर्ति |
| फ्रेम | चश्मे का ढाँचा |
| सेनानी | सेना में लड़ने वाला |
| सरकंडा | एक प्रकार की घास |
| कौतुकभरी | आश्चर्य और जिज्ञासा से भरी |
| ड्राइंग मास्टर | चित्रकला सिखाने वाला शिक्षक |
| प्रतिमा | मूर्ति |
📝 Board Exam 2026 — महत्वपूर्ण Q&A
📝 2 अंक के प्रश्न
📝 5 अंक के प्रश्न
1. देशभक्ति: देशभक्ति सिर्फ युद्ध में नहीं — छोटे-छोटे कार्यों में भी होती है।
2. आम आदमी का योगदान: कैप्टन जैसे गरीब लोग भी देशभक्त हो सकते हैं।
3. नई पीढ़ी: बच्चे का सरकंडे का चश्मा दिखाता है कि देशभक्ति नई पीढ़ी में भी जीवित है।
4. प्रतीकों का सम्मान: राष्ट्रीय नायकों के प्रतीकों का सम्मान करना चाहिए।
1. गरीब लेकिन देशभक्त: वह गरीब था लेकिन उसके मन में नेताजी के प्रति गहरी श्रद्धा थी।
2. शारीरिक कमजोरी: वह बूढ़ा और लँगड़ा था लेकिन मन से मजबूत था।
3. निःस्वार्थ सेवा: वह बिना किसी स्वार्थ के मूर्ति पर चश्मा लगाता था।
4. सच्चा देशभक्त: सेनानी न होते हुए भी उसे कैप्टन कहा जाता था।
5. प्रेरणादायक: उसकी मृत्यु के बाद बच्चे ने भी देशभक्ति दिखाई।
🎯 MCQ — Board Exam 2026
Q1. नेताजी का चश्मा पाठ के लेखक कौन हैं?
- (a) प्रेमचंद
- (b) स्वयं प्रकाश ✅ सही उत्तर
- (c) मंगलेश डबराल
- (d) यशपाल
Q2. कस्बे के चौराहे पर किसकी मूर्ति थी?
- (a) महात्मा गांधी
- (b) भगत सिंह
- (c) नेताजी सुभाषचंद्र बोस ✅ सही उत्तर
- (d) जवाहरलाल नेहरू
Q3. मूर्ति पर चश्मा कौन लगाता था?
- (a) हालदार साहब
- (b) पान वाला
- (c) कैप्टन चश्मे वाला ✅ सही उत्तर
- (d) ड्राइंग मास्टर
Q4. कैप्टन की मृत्यु के बाद मूर्ति पर क्या था?
- (a) संगमरमर का चश्मा
- (b) कोई चश्मा नहीं
- (c) सरकंडे से बना चश्मा ✅ सही उत्तर
- (d) लकड़ी का चश्मा
Q5. हालदार साहब हर कितने दिन बाद कस्बे से गुजरते थे?
- (a) हर हफ्ते
- (b) हर पंद्रहवें दिन ✅ सही उत्तर
- (c) हर महीने
- (d) हर रोज
Q6. इस पाठ का मुख्य संदेश क्या है?
- (a) मूर्तियाँ लगाना जरूरी है
- (b) देशभक्ति छोटे कार्यों में भी होती है ✅ सही उत्तर
- (c) चश्मा पहनना जरूरी है
- (d) नगरपालिका का काम
🎯 Board Exam 2026 — यह जरूर याद करें!
- लेखक = स्वयं प्रकाश | जन्म = 1947 | इंदौर
- मूर्ति = नेताजी सुभाषचंद्र बोस की
- कैप्टन = गरीब चश्मे वाला — सच्चा देशभक्त
- सरकंडे का चश्मा = बच्चे की देशभक्ति
- कैप्टन को नाम = सेनानी न होते हुए भी देशभक्ति से
- मुख्य संदेश = देशभक्ति छोटे कार्यों में भी होती है
- हालदार साहब = हर 15 दिन में कस्बे से गुजरते
- इस Chapter से 10-12 नंबर के प्रश्न आते हैं
उम्मीद है कि नेताजी का चश्मा पाठ के यह नोट्स आपकी UP Board Exam 2026 की तैयारी में काम आएंगे। कैप्टन जैसे देशभक्त हमें हमेशा प्रेरणा देते हैं। अगर कोई सवाल हो तो नीचे comment करें।
Chapter 5 hindi Notes : Read Now
Chapter 2 hindi Notes : Read Now
Chapter 3 hindi Notes : Read Now
Chapter 4 hindi Notes : Read Now
Chapter 5 hindi Notes : Read Now