नमस्कार साथियों आज हम इस chapter में विद्युत धारा के चुंबकीय प्रभाव के बारे में संपूर्ण अध्ययन करेंगे। जो आपके एग्जाम के लिए बहुत ही उपयोगी होगा।

अध्याय 12 · Class 10 Science
विद्युत धारा के
चुंबकीय प्रभाव
चुंबकीय प्रभाव
NCERT · Board Exam Notes · PYQ with Answers
🧲 चुंबकीय क्षेत्र
⚡ ऑर्स्टेड खोज
🔄 विद्युत मोटर
🔋 विद्युत जनित्र
🏠 घरेलू परिपथ
01
Section 01
परिचय — ऑर्स्टेड की महान खोज
👨🔬
हैंस क्रिश्चियन ऑर्स्टेड
1777 – 1851 · डेनमार्क
सन् 1820 में ऑर्स्टेड ने अकस्मात यह खोजा कि धातु के तार में विद्युत धारा प्रवाहित करने पर पास में रखी दिक्सूचक सुई विक्षेपित हो जाती है। इससे सिद्ध हुआ कि विद्युत और चुंबकत्व आपस में जुड़े हैं। इनके सम्मान में चुंबकीय क्षेत्र तीव्रता का मात्रक ऑर्स्टेड रखा गया।
- धारावाही तार चुंबक की भाँति व्यवहार करता है।
- रेडियो, TV, तंतु प्रकाशिकी — सभी इसी सिद्धांत पर आधारित।
- इस अध्याय में हम चुंबकीय क्षेत्र, मोटर, जनित्र और घरेलू परिपथ सीखेंगे।
02
Section 12.1
चुंबकीय क्षेत्र और क्षेत्र रेखाएँ
📖 परिभाषा
किसी चुंबक के चारों ओर का वह क्षेत्र जिसमें उसके बल का संसूचन किया जा सके, उसे चुंबकीय क्षेत्र कहते हैं। इन्हें निरूपित करने वाली रेखाओं को चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ कहते हैं।
- उत्तरोमुखी ध्रुव = उत्तर ध्रुव (N) | दक्षिणोमुखी ध्रुव = दक्षिण ध्रुव (S)
- सजातीय ध्रुवों में प्रतिकर्षण, विजातीय ध्रुवों में आकर्षण।
- क्षेत्र रेखाएँ N से निकलकर S में प्रवेश करती हैं।
- रेखाएँ जहाँ अधिक घनी → वहाँ चुंबकीय क्षेत्र अधिक प्रबल।
- ⚠️ दो क्षेत्र रेखाएँ कभी प्रतिच्छेद नहीं करतीं — क्योंकि एक बिंदु पर दो दिशाएँ असंभव हैं।
03
Section 12.2
विद्युत धारावाही चालक के कारण चुंबकीय क्षेत्र
- सीधे तार के चारों ओर संकेंद्री वृत्तीय क्षेत्र रेखाएँ बनती हैं।
- तार से दूरी बढ़ने पर वृत्त बड़े → क्षेत्र कमज़ोर।
- धारा का परिमाण बढ़ने पर क्षेत्र प्रबल होता है।
👍 दक्षिण-हस्त अंगुष्ठ नियम
दाहिने हाथ से चालक को पकड़ें, अँगूठा धारा की दिशा में → मुड़ी अँगुलियाँ = चुंबकीय क्षेत्र B की दिशा।
💡 उदाहरण (Board)
पूर्व→पश्चिम धारावाही तार के ऊपर बिंदु पर क्षेत्र की दिशा — दक्षिणावर्त (तार के पश्चिम से देखने पर बामावर्त)।
04
Section 12.2.3 & 12.2.4
वृत्ताकार पाश & परनालिका
🔄 वृत्ताकार पाश
- पाश के केंद्र पर रेखाएँ सरल रेखाओं जैसी दिखती हैं।
- n फेरे हों → क्षेत्र n गुना प्रबल।
- पाश के भीतर सभी रेखाएँ एक ही दिशा में।
🌀 परनालिका (Solenoid)
परिभाषा
पास-पास लिपटे विद्युतरोधी तांबे के तार की बेलनाकार अनेक फेरों वाली कुंडली को परनालिका कहते हैं।
- एक सिरा = N ध्रुव | दूसरा सिरा = S ध्रुव।
- भीतर क्षेत्र एकसमान — रेखाएँ समांतर सरल।
- परनालिका में लोहे की छड़ → विद्युत चुंबक।
- उपयोग: क्रेन, MRI, विद्युत मोटर।
05
Section 12.3
चुंबकीय क्षेत्र में बल + फ्लेमिंग नियम
- धारावाही चालक को चुंबकीय क्षेत्र में रखने पर बल आरोपित होता है।
- यह विचार आंद्रे मेरी ऐंपियर (1775–1836) ने दिया।
- बल अधिकतम जब धारा और क्षेत्र लंबवत हों।
✋ फ्लेमिंग का वामहस्त (बाएँ हाथ) नियम
बाएँ हाथ की तर्जनी, मध्यमा और अँगूठे को लंबवत फैलाइए:
🫵 तर्जनी → चुंबकीय क्षेत्र B की दिशा
🖕 मध्यमा → विद्युत धारा I की दिशा
👍 अँगूठा → बल F की दिशा (चालक की गति)
🎯 याद रखें — FBI नियम
F = बल (अँगूठा) | B = क्षेत्र (तर्जनी) | I = धारा (मध्यमा) → सब लंबवत!
06
Section 12.3 & 12.5
विद्युत मोटर और विद्युत जनित्र
| विशेषता | 🔄 विद्युत मोटर | ⚡ विद्युत जनित्र |
|---|---|---|
| ऊर्जा रूपांतरण | विद्युत → यांत्रिक | यांत्रिक → विद्युत |
| नियम | फ्लेमिंग वामहस्त | फ्लेमिंग दक्षिण-हस्त |
| वलय प्रकार | विभक्त वलय (Split Ring) | AC: सर्पी वलय (Slip Ring) DC: विभक्त वलय |
| उदाहरण | पंखा, मिक्सर, वाशिंग मशीन | बिजलीघर, डायनेमो |
| विभक्त वलय कार्य | हर आधे चक्कर पर धारा दिशा बदलता है | — |
⚡ भारत में AC
आवृत्ति = 50 Hz | विभव = 220 V | AC दिशा बदलती है, DC नहीं।
07
Section 12.4
घरेलू विद्युत परिपथ और सुरक्षा
| तार | रंग | विभव / कार्य |
|---|---|---|
| विद्युन्मय (Live) | 🔴 लाल | 220 V — धारा वहन |
| उदासीन (Neutral) | ⚫ काला | भूमि के बराबर विभव |
| भूसंपर्क (Earth) | 🟢 हरा | धातु आवरण सुरक्षा |
- घरों में दो परिपथ: 15 A (गीजर, कूलर) और 5 A (बल्ब, पंखा)।
- सभी साधित्र पार्श्वक्रम (Parallel) में जोड़े जाते हैं।
⚠️ सुरक्षा उपाय
- विद्युत फ्यूज — कम गलनांक का तार; अधिक धारा में पिघलकर परिपथ तोड़ता है। सबसे महत्वपूर्ण सुरक्षा युक्ति।
- लघुपथन (Short Circuit) — Live + Neutral तार सीधे जुड़ जाएँ → धारा बहुत अधिक।
- अतिभारण (Overloading) — एक सॉकेट पर अधिक साधित्र → धारा अधिक।
- भूसंपर्क तार — साधित्र के आवरण में धारा क्षरण हो तो भूमि में चली जाती है → उपयोगकर्ता सुरक्षित।
08
यह भी जानिए
औषध में चुंबकत्व — MRI
- तंत्रिका कोशिकाओं की दुर्बल आयन धाराएँ भी चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न करती हैं।
- शरीर के दो मुख्य भाग — हृदय और मस्तिष्क (चुंबकीय क्षेत्र दृष्टि से महत्वपूर्ण)।
- MRI (Magnetic Resonance Imaging) — शरीर के भीतर के प्रतिबिंब, चिकित्सा निदान में अत्यंत उपयोगी।
09
Board Exam
महत्वपूर्ण प्रश्न — उत्तर सहित (PYQ)
1 अंक
Q1. किसी लंबे विद्युत धारावाही तार के निकट चुंबकीय क्षेत्र का सही वर्णन कौन-सा है?
✅ उत्तर
(d) चुंबकीय क्षेत्र की संकेंद्री क्षेत्र रेखाओं का केंद्र तार होता है। (ये तार के लंबवत वृत्त होती हैं, समांतर नहीं।)
1 अंक
Q2. लघुपथन के समय परिपथ में विद्युत धारा का मान कैसा होता है?
✅ उत्तर
(c) बहुत अधिक बढ़ जाता है।
2 अंक
Q3. दक्षिण-हस्त अंगुष्ठ नियम क्या है?
✅ उत्तर
दाहिने हाथ से विद्युत धारावाही चालक को पकड़ें, अँगूठा धारा की दिशा में हो → मुड़ी हुई अँगुलियाँ चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं की दिशा बताएँगी।
3 अंक
Q4. फ्लेमिंग का वामहस्त नियम लिखिए। इसका उपयोग कहाँ होता है?
✅ उत्तर
बाएँ हाथ की तर्जनी (B), मध्यमा (I), अँगूठा (F) — तीनों लंबवत। यह नियम विद्युत मोटर में चालक पर लगने वाले बल की दिशा ज्ञात करने में प्रयुक्त।
3 अंक
Q5. परनालिका क्या है? इसके चुंबकीय क्षेत्र की विशेषताएँ लिखिए।
✅ उत्तर
पास-पास लिपटे तार की बेलनाकार कुंडली = परनालिका। विशेषताएँ: (i) भीतर क्षेत्र एकसमान, (ii) रेखाएँ समांतर सरल, (iii) एक सिरा N ध्रुव, दूसरा S ध्रुव।
5 अंक
Q6. विद्युत मोटर और विद्युत जनित्र में अंतर लिखिए।
✅ उत्तर
मोटर → विद्युत ऊर्जा को यांत्रिक ऊर्जा में, वामहस्त नियम, split ring।जनित्र → यांत्रिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में, दक्षिण-हस्त नियम, AC में slip ring।
2 अंक
Q7. 2 kW शक्ति का तंदूर 220 V पर प्रचालित — धारा अनुमतांक 5 A है। क्या परिणाम होगा?
✅ उत्तर
I = P/V = 2000/220 ≈ 9.09 A — जो 5 A से अधिक है। अतः अतिभारण होगा और फ्यूज उड़ जाएगा।
2 अंक
Q8. भूसंपर्क तार का क्या कार्य है?
✅ उत्तर
धातु के आवरण वाले साधित्रों को भूमि से जोड़ता है। किसी खराबी पर धारा भूमि में चली जाती है → उपयोगकर्ता विद्युत आघात से सुरक्षित।
3 अंक
Q9. इलेक्ट्रॉन पुंज पीछे से सामने की ओर आ रहा है और प्रबल चुंबकीय क्षेत्र दाईं ओर विक्षेपित होता है। चुंबकीय क्षेत्र की दिशा क्या है?
✅ उत्तर
इलेक्ट्रॉन ऋणावेशित → धारा की दिशा विपरीत = पिछली दीवार की ओर। फ्लेमिंग वामहस्त नियम से — चुंबकीय क्षेत्र की दिशा ऊर्ध्वाधर नीचे की ओर।
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Last Minute
Quick Revision — एक नज़र में सब
ऑर्स्टेड खोज1820 — धारावाही तार चुंबक की भाँति, दिक्सूचक विक्षेपित।
क्षेत्र रेखाएँN से S तक, कभी प्रतिच्छेद नहीं करतीं।
दक्षिण-हस्त अंगुष्ठअँगूठा = धारा → अँगुलियाँ = B दिशा।
फ्लेमिंग वामहस्ततर्जनी=B, मध्यमा=I, अँगूठा=F (मोटर)।
परनालिकाभीतर एकसमान क्षेत्र, N-S ध्रुव।
विद्युत मोटरविद्युत → यांत्रिक, split ring।
विद्युत जनित्रयांत्रिक → विद्युत, दक्षिण-हस्त।
AC भारत50 Hz, 220 V।
घरेलू तारलाल=Live, काला=Neutral, हरा=Earth।
फ्यूजकम गलनांक — अतिभारण / लघुपथन सुरक्षा।
लघुपथनLive + Neutral सीधे जुड़ें → धारा बहुत अधिक।
MRIचुंबकीय क्षेत्र से शरीर के भीतर का प्रतिबिंब।