जीव जनन कैसे करते हैं (Class 10 Chapter 7) | आसान नोट्स, MCQ और पूरा Explanation

जीव जनन कैसे करते हैं class 10 chapter 7 science

साथियों नमस्कार आज हम इस पोस्ट में अध्याय 7 7 जीव जनन कैसे करते हैं संपूर्ण टॉपिक को आसान भाषा में समझेंगे और विगत वर्षों में यहां से कैसे प्रश्न आए हुए हैं उसे भी देखेंगे।

जीव जनन कैसे करते हैं Class 10 Notes in Hindi | How do Organisms Reproduce NCERT Chapter 7
CLASS 10 · NCERT SCIENCE · CHAPTER 7
जीव जनन कैसे करते हैं?
How do Organisms Reproduce — हिंदी नोट्स
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Reprint 2025-26
🧬 7.1 क्या जीव अपनी प्रतिकृति बनाते हैं?

जीव जनन इसलिए नहीं करते क्योंकि उन्हें जीवित रहने के लिए ज़रूरी है — पोषण, श्वसन, उत्सर्जन के बिना जीव जी नहीं सकता लेकिन जनन के बिना जी सकता है। फिर भी जनन इसलिए होता है ताकि प्रजाति का अस्तित्व बना रहे।

जनन (Reproduction) — वह प्रक्रिया जिसमें जीव अपने समान नए जीव उत्पन्न करता है।
DNA प्रतिकृति का महत्व
  • जनन की मूल घटना → DNA की प्रतिकृति बनाना
  • DNA प्रतिकृति के साथ कोशिकीय संरचनाओं का सृजन भी होता है
  • DNA नकल में कुछ विभिन्नताएँ आती हैं → विकास का आधार
  • अत्यधिक विभिन्नता → कोशिका की मृत्यु हो सकती है
  • संतान कोशिकाएँ समान होते हुए भी एक-दूसरे से थोड़ी भिन्न होती हैं
विभिन्नता का महत्व — अगर किसी पर्यावरणीय परिवर्तन से सभी जीव मर जाएँ (जैसे बहुत गर्म पानी) तो विभिन्नता वाले कुछ जीव बचे रहेंगे और प्रजाति जीवित रहेगी।
🔬 7.2 एकल जीवों में जनन की विधि — अलैंगिक जनन
अलैंगिक जनन — केवल एक जीव द्वारा नई संतान का निर्माण। कोई विशेष जनन कोशिका नहीं, DNA की प्रतिकृति से होता है।
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विखंडन

कोशिका दो भागों में बँट जाती है
अमीबा → द्विखंडन
प्लैज़्मोडियम → बहुखंडन

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खंडन

स्पाइरोगाइरा → टुकड़ों में बँट जाता है, हर टुकड़ा नया जीव बनाता है

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पुनरुद्भवन

हाइड्रा, प्लेनेरिया → कट जाने पर हर टुकड़े से नया जीव

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मुकुलन

यीस्ट, हाइड्रा → कोशिका से उभार (मुकुल) निकलकर नया जीव बनता है

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कायिक प्रवर्धन

गुलाब, गन्ना, आलू → जड़, तना, पत्ती से नए पौधे

🌱 7.2.1 से 7.2.6 — अलैंगिक जनन विस्तार से
7.2.1 विखंडन (Fission)
अमीबा में द्विखंडन अमीबा विभाजन शुरू दो अमीबा बने बहुखंडन प्लैज़्मोडियम
चित्र 7.1: अमीबा में द्विखंडन और प्लैज़्मोडियम में बहुखंडन
7.2.3 पुनरुद्भवन (Regeneration)
पुनरुद्भवन — जब जीव कट-छिटकर टुकड़ों में हो जाए और हर टुकड़ा वृद्धि करके नया जीव बनाए। जैसे हाइड्रा, प्लेनेरिया।

यह विशेष पुनरुद्भवन कोशिकाओं द्वारा होता है जो विभाजित होकर अनेक कोशिकाएँ बनाती हैं।

7.2.4 मुकुलन (Budding)

हाइड्रा में कोशिकाओं के नियमित विभाजन से उभार (मुकुल) विकसित होता है → पूरी तरह बढ़कर जनक से अलग हो जाता है।

7.2.5 कायिक प्रवर्धन (Vegetative Propagation)
  • पौधों में जड़, तना, पत्ती से नए पौधे उगते हैं
  • गुलाब, गन्ना, अंगूर — तने की कलम से
  • ब्रायोफिलम — पत्ती की कोर पर कलिकाएँ → नए पौधे
  • आलू — आँखों (कलिकाओं) से
  • खेती में उपयोग — बीज रहित फल, तेज़ फसल, रोगमुक्त पौधे
  • ऊतक संवर्धन — पौधे के शीर्ष भाग की कोशिकाएँ → कृत्रिम माध्यम में → कैलस → नया पौधा
7.2.6 बीजाणु समासंघ (Spore Formation)

राइजोपस जैसे फफूँदी में — ऊर्ध्व तंतुओं पर गुच्छ बनते हैं जिनमें बीजाणु होते हैं। बीजाणु के चारों ओर मोटी भित्ति → प्रतिकूल परिस्थितियों में बचाव। अनुकूल परिस्थिति में → बीजाणु वृद्धि कर नए राइजोपस बनाता है।

विधिजीवविशेषता
द्विखंडनअमीबा, पैरामीशियमदो बराबर भागों में
बहुखंडनप्लैज़्मोडियमएक साथ कई संतान
खंडनस्पाइरोगाइरातंतु टुकड़ों में
पुनरुद्भवनहाइड्रा, प्लेनेरियाहर टुकड़े से नया जीव
मुकुलनयीस्ट, हाइड्राउभार से नया जीव
कायिक प्रवर्धनगुलाब, आलू, ब्रायोफिलमजड़/तना/पत्ती से
बीजाणुराइजोपस (फफूँदी)बीजाणु थैली से
मुकुलन — यीस्ट और हाइड्रा दोनों में होता है।
पुनरुद्भवन ≠ कायिक प्रवर्धन — पुनरुद्भवन जानवरों में, कायिक प्रवर्धन पौधों में।
अलैंगिक जनन MCQ में “मुकुलन द्वारा होता है” → उत्तर: यीस्ट (हाइड्रा भी सही है)।
💞 7.3 लैंगिक जनन
लैंगिक जनन — दो जीवों की जनन कोशिकाओं (युग्मकों) के मिलने से नई संतान का निर्माण। इसमें अधिक विभिन्नताएँ उत्पन्न होती हैं।
7.3.1 लैंगिक जनन प्रणाली क्यों?
  • लैंगिक जनन में DNA की दो प्रतियों का संयोग होता है
  • नई विभिन्नताएँ + पूर्व पीढ़ियों की विभिन्नताएँ → विविधता बढ़ती है
  • यह विविधता प्रजाति के अस्तित्व के लिए लाभदायक है
  • अलैंगिक जनन में बहुत कम विभिन्नता होती है
अलैंगिक जनन → एक जीव, कम विभिन्नता, तेज़ जनन
लैंगिक जनन → दो जीव, अधिक विभिन्नता, धीमा जनन
लैंगिक जनन से प्रजाति का विकास बेहतर होता है।
🌸 7.3.2 पुष्पी पादपों में लैंगिक जनन

पुष्पी पादपों में जनन पुष्प के माध्यम से होता है। पुष्प में जनन अंग होते हैं।

पुष्प की संरचना वर्तिकाग्र वर्तिका अंडाशय परागकोश (पुंकेसर) दल (पंखुड़ी) बाह्यदल ← बीजांड (अंडकोशिका)
चित्र 7.7: पुष्प की अनुदैर्ध्य काट — नर और मादा जनन भाग
भागनर/मादाकार्य
पुंकेसरनर जनन अंगपरागकोश में पराग कण (नर युग्मक) बनाता है
स्त्रीकेसरमादा जनन अंगअंडाशय में बीजांड (अंडकोशिका) होते हैं
वर्तिकाग्रपरागकण प्राप्त करता है (चिपचिपा)
वर्तिकापरागनलिका का मार्ग
अंडाशयबीज में परिवर्तित होता है
बाह्यदलरक्षा करता है (हरा)
दल (पंखुड़ी)कीटों को आकर्षित (रंगीन)
परागण और निषेचन
  1. परागण — पराग कण का परागकोश से वर्तिकाग्र तक स्थानांतरण (वायु/जल/कीट)
  2. स्वपरागण — एक ही पुष्प में परागण
  3. परपरागण — एक पुष्प के पराग कण दूसरे पुष्प के वर्तिकाग्र पर
  4. परागनलिका बनती है → नर युग्मक अंडाशय तक पहुँचता है
  5. निषेचन — नर + मादा युग्मक का संयोजन → युग्मनज
  6. बीज बनता है, अंकुरण होता है (चित्र 7.9)
उभयलिंगी पुष्प = जिसमें पुंकेसर + स्त्रीकेसर दोनों हों। जैसे गुड़हल, सरसों।
एकलिंगी पुष्प = केवल एक जनन अंग। जैसे पपीता, तरबूज।
👨‍⚕️ 7.3.3 मानव में लैंगिक जनन
यौवनारंभ (Puberty)
  • यौवनारंभ — जब जनन-ऊतक परिपक्व होने लगते हैं
  • लड़कों में: चेहरे पर बाल, आवाज़ का फटना, शिश्न का बढ़ना
  • लड़कियों में: स्तन विकास, मासिक चक्र शुरू, बाल
  • ये सभी परिवर्तन 10-12 वर्ष की आयु से शुरू होते हैं
  • हर व्यक्ति में एक ही समय पर नहीं होते
7.3.3 (a) नर जनन तंत्र
मानव नर जनन तंत्र वृषण शुक्राणु बनाने वाला शुक्रवाहिनी मूत्राशय प्रोस्टेट मूत्रमार्ग शुक्राशय मूत्रनलिका शिश्न वृषण कोश
चित्र 7.10: मानव का नर जनन तंत्र
अंगकार्य
वृषणशुक्राणु बनाना + टेस्टोस्टेरॉन हॉर्मोन
शुक्रवाहिनीशुक्राणु को मूत्रमार्ग तक पहुँचाना
शुक्राशयशुक्राणु को तरल माध्यम में रखना
प्रोस्टेट ग्रंथिस्राव → शुक्राणु को पोषण + स्थानांतरण आसान
मूत्रमार्गशुक्राणु + मूत्र दोनों का मार्ग
वृषण उदर गुहा के बाहर क्यों? — शुक्राणु उत्पादन के लिए शरीर के तापमान से कम ताप चाहिए।
7.3.3 (b) मादा जनन तंत्र
मानव मादा जनन तंत्र अंडाशय अंडाशय अंडवाहिका (फेलोपियन ट्यूब) गर्भाशय ग्रीवा योनि ← अंडकोशिका
चित्र 7.11: मानव मादा जनन तंत्र
अंगकार्य
अंडाशयअंडकोशिका बनाना + एस्ट्रोजन हॉर्मोन
अंडवाहिका (फेलोपियन ट्यूब)अंडकोशिका को गर्भाशय तक ले जाना + निषेचन यहीं होता है
गर्भाशयभ्रूण का पोषण और विकास (9 माह)
ग्रीवागर्भाशय और योनि को जोड़ती है
योनिशुक्राणु का प्रवेश + शिशु का जन्म
मानव जनन की प्रक्रिया
  1. मैथुन के समय शुक्राणु योनि में स्थापित होते हैं
  2. शुक्राणु ऊपर जाकर अंडवाहिका में अंडकोशिका से मिलते हैं
  3. निषेचन → युग्मनज बनता है
  4. युग्मनज → भ्रूण → गर्भाशय में स्थापित होता है
  5. प्लैसेंटा — भ्रूण और माँ के बीच पोषण का आदान-प्रदान
  6. लगभग 9 माह बाद गर्भाशय की पेशियों के लयबद्ध संकुचन से शिशु का जन्म
प्लैसेंटा — गर्भाशय की भित्ति में धंसी तश्तरीनुमा संरचना। माँ से भ्रूण को ग्लूकोज़, O₂ मिलती है। भ्रूण के अपशिष्ट माँ के रक्त में।
🩺 जनन स्वास्थ्य + गर्भनिरोध
ऋतुस्राव (Menstruation)
ऋतुस्राव/रजोधर्म — जब अंडकोशिका का निषेचन नहीं होता तो गर्भाशय की आंतरिक परत टूटकर रुधिर + म्यूकस के रूप में बाहर निकलती है। इसमें लगभग 28 दिन का चक्र होता है और 2-8 दिन रक्तस्राव होता है।
गर्भनिरोधक विधियाँ
विधिप्रकारकैसे काम करती है
कंडोमयांत्रिकशुक्राणु योनि में नहीं जा पाते + STD से बचाव
गर्भनिरोधक गोलियाँहॉर्मोनलहॉर्मोन संतुलन बदलकर अंड का मोचन रोकती है
कॉपर-T (IUD)यांत्रिकगर्भाशय में स्थापित → निषेचन नहीं
अंडवाहिका बंदशल्यशुक्राणु अंडकोशिका तक नहीं पहुँचते
शुक्रवाहिनी बंदशल्यशुक्राणु का स्थानांतरण रुक जाता है
गर्भपात गलत क्यों? — भ्रूण लिंग निर्धारण (Foetus sex determination) एक कानूनी अपराध है। मादा भ्रूण हत्या से लिंग अनुपात बिगड़ रहा है।
कंडोम → STD + गर्भनिरोध दोनों से बचाव।
गोलियाँ → हॉर्मोन बदलती हैं।
कॉपर-T → गर्भाशय में।
शल्य विधि → स्थायी लेकिन STD से बचाव नहीं।

📌 आपने क्या सीखा

  • जनन → प्रजाति के अस्तित्व के लिए ज़रूरी
  • DNA प्रतिकृति → जनन की मूल घटना, विभिन्नताएँ → विकास का आधार
  • अलैंगिक जनन → एक जीव, कम विभिन्नता (विखंडन, मुकुलन, पुनरुद्भवन, कायिक प्रवर्धन, बीजाणु)
  • लैंगिक जनन → दो जीव, अधिक विभिन्नता → प्रजाति के लिए बेहतर
  • पुष्प → पुंकेसर (नर) + स्त्रीकेसर (मादा) → परागण → निषेचन → बीज
  • नर जनन: वृषण → शुक्राणु | मादा: अंडाशय → अंडकोशिका
  • निषेचन → अंडवाहिका में | भ्रूण → गर्भाशय में 9 माह
  • प्लैसेंटा → माँ और भ्रूण के बीच पोषण
  • ऋतुस्राव → निषेचन न होने पर गर्भाशय परत का निकलना
  • गर्भनिरोध → कंडोम, गोलियाँ, कॉपर-T, शल्य विधि
📜 PYQ 2015–2024 उत्तर सहित

CBSE Board Exam — Chapter 7: जीव जनन कैसे करते हैं

🔵 MCQ — 1 अंक
20241 अंक अलैंगिक जनन मुकुलन द्वारा होता है —
(a) अमीबा   (b) यीस्ट   (c) प्लैज़्मोडियम   (d) लेस्मानिया
✅ उत्तर

(b) यीस्ट — यीस्ट में छोटे मुकुल उभरकर नए जीव बनते हैं। अमीबा → द्विखंडन, प्लैज़्मोडियम → बहुखंडन, लेस्मानिया → द्विखंडन।

20231 अंक निम्नलिखित में से कौन मानव में मादा जनन तंत्र का भाग नहीं है?
(a) अंडाशय   (b) गर्भाशय   (c) शुक्रवाहिका   (d) डिंबवाहिनी
✅ उत्तर

(c) शुक्रवाहिका — शुक्रवाहिका नर जनन तंत्र का भाग है। मादा में अंडाशय, गर्भाशय, डिंबवाहिनी, योनि होते हैं।

20221 अंक परागकोश में होते हैं —
(a) बाह्यदल   (b) अंडाशय   (c) अंडप   (d) पराग कण
✅ उत्तर

(d) पराग कण — परागकोश पुंकेसर का भाग है जिसमें पराग कण (नर युग्मक) बनते हैं।

🟡 लघु उत्तरीय — 2-3 अंक
20242 अंक अलैंगिक जनन की अपेक्षा लैंगिक जनन के क्या लाभ हैं?
✅ उत्तर
  • लैंगिक जनन में अधिक विभिन्नताएँ उत्पन्न होती हैं
  • दो जनकों के DNA का संयोजन → नए संयोजन
  • विभिन्नताएँ → प्रजाति को पर्यावरणीय बदलावों से बचाती हैं
  • जैव विकास में सहायक
20232 अंक ऋतुस्राव क्यों होता है?
✅ उत्तर
  • अंडाशय हर माह एक परिपक्व अंड मोचित करता है
  • गर्भाशय की आंतरिक परत मोटी हो जाती है (भ्रूण को पोषण देने के लिए)
  • यदि निषेचन नहीं हुआ → यह परत ज़रूरी नहीं रहती
  • यह परत टूटकर रुधिर + म्यूकस के रूप में बाहर निकलती है = ऋतुस्राव
  • इसमें लगभग 28 दिन का चक्र, 2-8 दिन रक्तस्राव
20222 अंक मानव में वृषण के क्या कार्य हैं?
✅ उत्तर
  • नर जनन-कोशिकाएँ (शुक्राणु) बनाना
  • टेस्टोस्टेरॉन हॉर्मोन का उत्पादन एवं स्रवण
  • टेस्टोस्टेरॉन → लड़कों में यौवनावस्था के लक्षण नियंत्रित करता है
  • वृषण उदर गुहा के बाहर होते हैं क्योंकि शुक्राणु के लिए कम ताप चाहिए
20212 अंक माँ के शरीर में गर्भस्थ भ्रूण को पोषण किस प्रकार प्राप्त होता है?
✅ उत्तर

प्लैसेंटा (अपरा) के द्वारा —

  • प्लैसेंटा → गर्भाशय की भित्ति में धंसी तश्तरीनुमा संरचना
  • माँ के ऊतकों से भ्रूण की ओर रक्तस्थान होते हैं
  • भ्रूण को → ग्लूकोज़, ऑक्सीजन, अन्य पदार्थ मिलते हैं
  • भ्रूण के अपशिष्ट पदार्थ → माँ के रक्त में → बाहर
20203 अंक गर्भनिरोधन की विभिन्न विधियाँ कौन सी हैं? इनमें से कौन STD (यौन-संचारित रोग) से भी बचाती है?
✅ उत्तर
  • यांत्रिक: कंडोम, डायाफ्राम, योनि में रखने वाली युक्तियाँ
  • हॉर्मोनल: गर्भनिरोधक गोलियाँ — अंड मोचन रोकती हैं
  • अंतर्गर्भाशयी: कॉपर-T → गर्भाशय में स्थापित
  • शल्य: अंडवाहिका/शुक्रवाहिनी बंद — स्थायी

STD से बचाव: केवल कंडोम — क्योंकि यह शारीरिक संपर्क को रोकता है।

🔴 दीर्घ उत्तरीय — 5 अंक
20245 अंक पुष्प की अनुदैर्ध्य काट का नामांकित चित्र बनाइए। परागण से निषेचन तक की प्रक्रिया समझाइए।
✅ उत्तर

परागण से निषेचन:

  1. परागण: पराग कण का परागकोश से वर्तिकाग्र तक स्थानांतरण (वायु/कीट/जल)
  2. परागनलिका: पराग कण से परागनलिका बनती है → वर्तिका से अंडाशय तक
  3. नर युग्मक: परागनलिका से अंडाशय में बीजांड (अंडकोशिका) तक पहुँचता है
  4. निषेचन: नर + मादा युग्मक → युग्मनज
  5. बीज निर्माण: युग्मनज → भ्रूण → बीज | अंडाशय → फल | बीजांड → बीज
स्वपरागण = एक पुष्प में | परपरागण = एक से दूसरे पुष्प में। अंकुरण = बीज से नया पौधा।
20235 अंक एककोशिक एवं बहुकोशिक जीवों की जनन पद्धति में क्या अंतर है?
✅ उत्तर
एककोशिक जीवबहुकोशिक जीव
सरल विधि — विखंडन/मुकुलनजटिल विधि आवश्यक
पूरी कोशिका विभाजित होती हैविशेष जनन कोशिकाएँ बनती हैं
कोशिका-दर-कोशिका विभाजन व्यावहारिकअसंभव — विभिन्न ऊतक, अंग होते हैं
उदाहरण: अमीबा, यीस्टउदाहरण: स्पाइरोगाइरा, हाइड्रा, मानव

बहुकोशिक जीवों में पुनरुद्भवन जैसी सरल विधि काम नहीं करती क्योंकि इनमें विभिन्न प्रकार की कोशिकाएँ संगठित होकर ऊतक बनाती हैं।

20195 अंक कुछ पौधों को उगाने के लिए कायिक प्रवर्धन का उपयोग क्यों किया जाता है? मानव जनन में वृषण की भूमिका और शुक्रवाहिनी का कार्य बताइए।
✅ उत्तर

कायिक प्रवर्धन के कारण:

  • बीज उत्पन्न करने की क्षमता खो चुके पौधे — जैसे केला, संतरा, गुलाब
  • बीज द्वारा उगाए पौधों की तुलना में तेज़ फसल
  • सभी पौधे आनुवंशिक रूप से जनक पौधे के समान
  • बीज रहित फल जैसे केला उगाने में उपयोगी

वृषण की भूमिका: शुक्राणु बनाना + टेस्टोस्टेरॉन उत्पादन।

शुक्रवाहिनी का कार्य: शुक्राणुओं को वृषण से मूत्रमार्ग तक पहुँचाना। ये मूत्राशय से आने वाली नली से जुड़कर संयुक्त नली बनाती हैं — मूत्रमार्ग।

20183 अंक यदि कोई महिला कॉपर-टी का प्रयोग कर रही है तो क्या यह उसकी यौन-संचारित रोगों से रक्षा करेगा?
✅ उत्तर

नहीं — कॉपर-टी STD से रक्षा नहीं करती।

  • कॉपर-T गर्भाशय में स्थापित होती है → निषेचन रोकती है → गर्भनिरोध
  • लेकिन यौन क्रिया के दौरान शारीरिक संपर्क होता है → STD हो सकती है
  • STD से बचाव के लिए केवल कंडोम प्रभावी है
📚 Class 10 NCERT Science · Chapter 7: जीव जनन कैसे करते हैं (How do Organisms Reproduce)
ये नोट्स NCERT Reprint 2025-26 के अनुसार बनाए गए हैं।

Class 10 Chapter 1 Science Notes : Click Here

Class 10 Chapter 2 Science Notes : Click Here

Class 10 Chapter 3 Science Notes : Click Here

Class 10 Chapter 4 Science Notes : Click Here

Class 10 Chapter 5 Science Notes : Click Here

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