संगतकार Class 10 Hindi Notes 2026 | भावार्थ MCQ UP Board

📢 Board Exam 2026 में यह Chapter जरूर पढ़ें!

मंगलेश डबराल की संगतकार कविता से 8-10 नंबर के प्रश्न आते हैं। संगतकार का प्रतीक और भावार्थ याद करो — नंबर पक्के! 🎯

🎵 CHAPTER 6 • HINDI KSHITIJ • CLASS 10

मंगलेश डबराल — संगतकार

Sangatkar — भावार्थ • अलंकार • MCQ • Q&A • Board Exam 2026

📚 हिंदी क्षितिज 📖 Chapter 6 🎯 UP Board 2026 ✅ Board Exam Ready

दोस्तों, इस पोस्ट में हमने Class 10 Hindi Chapter 6 मंगलेश डबराल की कविता संगतकार के सम्पूर्ण नोट्स तैयार किए हैं। यह कविता उन लोगों के बारे में है जो पर्दे के पीछे रहकर दूसरों को सफल बनाते हैं। UP Board Exam 2026 के लिए यह notes बहुत उपयोगी हैं।


✍️ कवि परिचय — मंगलेश डबराल

जन्म
1948 ई. (टिहरी गढ़वाल)
मृत्यु
2020 ई.
भाषा
खड़ीबोली
प्रमुख रचना
पहाड़ पर लालटेन, घर का रास्ता
युग
समकालीन काव्य
विशेषता
आम आदमी के कवि

महत्वपूर्ण बातें:

  • मंगलेश डबराल समकालीन हिंदी कविता के प्रमुख कवि हैं।
  • इनकी कविता में आम आदमी का दुख और संघर्ष दिखता है।
  • इन्होंने पत्रकारिता भी की — जनसत्ता अखबार में काम किया।
  • प्रमुख रचनाएं — पहाड़ पर लालटेन, घर का रास्ता, हम जो देखते हैं।
📌 Board Exam Tip: मंगलेश डबराल का जन्म, प्रमुख रचना और युग जरूर याद करें।

📖 कविता का परिचय

संगतकार का अर्थ है — वह व्यक्ति जो मुख्य गायक के साथ आवाज मिलाता है। यह कविता उन सहायकों के बारे में है जो पर्दे के पीछे रहकर मुख्य कलाकार को सफल बनाते हैं।

💡 मुख्य भाव: संगतकार सिर्फ संगीत का नहीं — जीवन के हर क्षेत्र का प्रतीक है। वह teacher, helper, supporter सब है।
📌 Board Exam Tip: संगतकार का प्रतीकार्थ परीक्षा में जरूर पूछा जाता है।

📜 कविता — संगतकार (मूल पाठ)

🎵 पहला भाग
मुख्य गायक के चट्टान जैसे भारी स्वर का साथ देती
वह आवाज सुंदर कमजोर काँपती हुई थी
वह मुख्य गायक का छोटा भाई है
या उसका शिष्य
या पैदल चलकर सीखने आने वाला दूर का कोई रिश्तेदार
मुख्य गायक की गरज में
वह अपनी गूँज मिलाता आया है प्राचीन काल से
🎵 दूसरा भाग
गायक जब अंतरे की जटिल तानों के जंगल में
खो चुका होता है
या अपने ही सरगम को लाँघकर
चला जाता है भटकता हुआ एक अनहद में
तब संगतकार ही स्थायी को सँभाले रहता है
जैसे समेटता हो मुख्य गायक का पीछे छूटा हुआ सामान
जैसे उसे याद दिलाता हो उसका बचपन
जब वह नौसिखिया था
🎵 तीसरा भाग
तारसप्तक में जब बैठने लगता है उसका गला
प्रेरणा साथ छोड़ती हुई उत्साह अस्त होता हुआ
आवाज से राख जैसा कुछ गिरता हुआ
तभी मुख्य गायक को ढाँढस बँधाता
कहीं से चला आता है संगतकार का स्वर
कभी-कभी वह यों ही दे देता है उसका साथ
यह बताने के लिए कि वह अकेला नहीं है
और यह कि फिर से गाया जा सकता है
🎵 चौथा भाग — अंतिम पंक्तियाँ
गाया जा चुका राग
और उसकी आवाज में जो एक हिचक साफ़ सुनाई देती है
या अपने स्वर को ऊँचा न उठाने की जो कोशिश है
उसे विफलता नहीं
उसकी मनुष्यता समझा जाना चाहिए।

📝 कठिन शब्दों के अर्थ

शब्दअर्थ
संगतकारमुख्य गायक के साथ आवाज मिलाने वाला
तानसंगीत में स्वरों का विस्तार
अनहदअनंत, जहाँ पहुँचना मुश्किल हो
स्थायीगाने का वह भाग जो बार-बार दोहराया जाए
तारसप्तकसंगीत का ऊँचा सुर
ढाँढस बँधानाहिम्मत देना, ढाढस बंधाना
नौसिखियानया सीखने वाला
सरगमसंगीत के सात सुर — सा रे ग म प ध नि
मधुपर्कमधु और दूध का मिश्रण
हिचकझिझक, संकोच
विफलताअसफलता
मनुष्यताइंसानियत, मानवीय गुण

📖 कविता का भावार्थ

पहले भाग का भावार्थ:

मुख्य गायक की आवाज चट्टान जैसी भारी है। संगतकार की आवाज सुंदर लेकिन कमजोर और काँपती है। संगतकार मुख्य गायक का छोटा भाई, शिष्य या रिश्तेदार हो सकता है। वह प्राचीन काल से मुख्य गायक की आवाज में अपनी आवाज मिलाता आया है।

दूसरे भाग का भावार्थ:

जब मुख्य गायक संगीत की जटिल तानों में खो जाता है या भटक जाता है — तब संगतकार स्थायी को सँभाले रखता है। वह उसे उसका बचपन याद दिलाता है जब वह नया था।

तीसरे भाग का भावार्थ:

जब मुख्य गायक का गला बैठने लगता है, उत्साह कम होने लगता है — तब संगतकार का स्वर आता है और उसे हिम्मत देता है। संगतकार उसे बताता है — “तुम अकेले नहीं हो और फिर से गाया जा सकता है।”

अंतिम भाग का भावार्थ:

संगतकार जानबूझकर अपनी आवाज ऊँची नहीं उठाता। यह उसकी कमजोरी नहीं — यह उसकी मनुष्यता है। वह नहीं चाहता कि उसकी आवाज मुख्य गायक की आवाज से ऊँची हो।

💡 मुख्य संदेश: संगतकार का अपनी आवाज दबाना विफलता नहीं बल्कि उसकी महानता और इंसानियत है।

🎭 संगतकार का प्रतीकार्थ

यह कविता सिर्फ संगीत के संगतकार की नहीं है। संगतकार जीवन के हर क्षेत्र का प्रतीक है:

क्षेत्रमुख्य गायकसंगतकार
शिक्षाप्रसिद्ध teacherसहायक teacher
राजनीतिनेताकार्यकर्ता
व्यापारमालिककर्मचारी
परिवारआगे वाला सदस्यपीछे से support करने वाला
📌 Board Exam Tip: संगतकार का प्रतीकार्थ 5 नंबर का प्रश्न है।

✨ काव्य विशेषताएं और अलंकार

अलंकारपंक्तिकारण
उपमामुख्य गायक के चट्टान जैसे भारी स्वरस्वर की तुलना चट्टान से
उपमाजैसे समेटता हो मुख्य गायक का सामानसंगतकार की तुलना
रूपकतानों के जंगल मेंतानों को जंगल कहा
मानवीकरणप्रेरणा साथ छोड़ती हुईप्रेरणा को मानव की तरह
📌 Board Exam Tip: उपमा और रूपक अलंकार परीक्षा में जरूर पूछे जाते हैं।

📝 Board Exam 2026 — महत्वपूर्ण Q&A

📝 2 अंक के प्रश्न

Q1. संगतकार किसे कहते हैं?
उत्तर: संगतकार वह व्यक्ति है जो मुख्य गायक के साथ अपनी आवाज मिलाता है। वह मुख्य गायक का छोटा भाई, शिष्य या रिश्तेदार हो सकता है। वह पर्दे के पीछे रहकर मुख्य गायक को सफल बनाता है।
Q2. संगतकार अपनी आवाज ऊँची क्यों नहीं उठाता?
उत्तर: संगतकार जानबूझकर अपनी आवाज ऊँची नहीं उठाता। वह नहीं चाहता कि उसकी आवाज मुख्य गायक की आवाज से ऊँची हो। कवि कहता है यह उसकी विफलता नहीं — यह उसकी मनुष्यता है।
Q3. संगतकार मुख्य गायक की कब मदद करता है?
उत्तर: जब मुख्य गायक संगीत की जटिल तानों में खो जाता है, तब संगतकार स्थायी सँभालता है। जब गायक का गला बैठने लगता है और उत्साह कम होता है — तब संगतकार अपना स्वर देकर उसे हिम्मत देता है।

📝 5 अंक के प्रश्न

Q4. संगतकार कविता का प्रतीकार्थ समझाइए।
उत्तर: संगतकार कविता में संगतकार सिर्फ संगीत का नहीं — जीवन के हर क्षेत्र का प्रतीक है।

1. शिक्षा में: सहायक teacher मुख्य teacher का संगतकार है।
2. राजनीति में: कार्यकर्ता नेता का संगतकार है।
3. परिवार में: पीछे से support करने वाले सदस्य संगतकार हैं।

कवि यह बताना चाहता है कि जो लोग पर्दे के पीछे रहकर दूसरों को सफल बनाते हैं — वे भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं। उनकी विनम्रता उनकी महानता है।
Q5. “उसकी मनुष्यता समझा जाना चाहिए” — इस पंक्ति का आशय समझाइए।
उत्तर: इस पंक्ति में कवि कहता है कि संगतकार जानबूझकर अपनी आवाज ऊँची नहीं उठाता।

वह यह इसलिए नहीं करता क्योंकि वह कमजोर है — बल्कि इसलिए करता है क्योंकि वह मुख्य गायक को आगे देखना चाहता है।

यह उसकी विफलता नहीं — यह उसकी मनुष्यता यानी इंसानियत है। जो व्यक्ति दूसरों की सफलता के लिए खुद पीछे रहे — वह महान है।

🎯 MCQ — Board Exam 2026

Q1. मंगलेश डबराल का जन्म कहाँ हुआ?

  • (a) दिल्ली
  • (b) टिहरी गढ़वाल ✅ सही उत्तर
  • (c) वाराणसी
  • (d) इलाहाबाद

Q2. संगतकार कविता का मुख्य भाव क्या है?

  • (a) मुख्य गायक की प्रशंसा
  • (b) पर्दे के पीछे रहकर सहायता करने वालों का महत्व ✅ सही उत्तर
  • (c) संगीत की महानता
  • (d) संगीत सीखने की विधि

Q3. संगतकार अपनी आवाज ऊँची न उठाना क्या है?

  • (a) विफलता
  • (b) कमजोरी
  • (c) मनुष्यता ✅ सही उत्तर
  • (d) डर

Q4. “तानों के जंगल में” में कौन सा अलंकार है?

  • (a) उपमा
  • (b) रूपक ✅ सही उत्तर
  • (c) अनुप्रास
  • (d) मानवीकरण

Q5. संगतकार मुख्य गायक को क्या बताता है?

  • (a) गाना बंद करो
  • (b) तुम अकेले नहीं हो और फिर से गाया जा सकता है ✅ सही उत्तर
  • (c) तुम्हारी आवाज कमजोर है
  • (d) मैं तुमसे बेहतर हूँ

Q6. “स्थायी” का क्या अर्थ है?

  • (a) हमेशा रहने वाला
  • (b) गाने का वह भाग जो बार-बार दोहराया जाए ✅ सही उत्तर
  • (c) संगतकार की आवाज
  • (d) मुख्य गायक

🎯 Board Exam 2026 — यह जरूर याद करें!

  • मंगलेश डबराल जन्म = 1948 | टिहरी गढ़वाल
  • संगतकार = पर्दे के पीछे रहकर मदद करने वाला
  • संगतकार का प्रतीक = teacher, कार्यकर्ता, परिवार
  • आवाज न उठाना = विफलता नहीं — मनुष्यता है
  • तानों के जंगल = रूपक अलंकार
  • चट्टान जैसे भारी स्वर = उपमा अलंकार
  • ढाँढस बँधाना = हिम्मत देना
  • इस Chapter से 8-10 नंबर के प्रश्न आते हैं

उम्मीद है कि संगतकार कविता के यह नोट्स आपकी UP Board Exam 2026 की तैयारी में काम आएंगे। अगर कोई सवाल हो तो नीचे comment करें।

साथियों आपको हम बेहतर से बेहतर नोट्स देने की कोशिश करेंगे ताकि आने वाले एग्जाम में आप सभी बेहतर रिजल्ट लेकर आ सके। हमारी अन्य पोस्ट है जो निम्न है।

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हिंदी CLASS 10 CHAPTER 2 : READ NOW

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