कृषि Class 10 Geography Chapter 4 Notes। आसान भाषा में महत्वपूर्ण नोट्स

कृषि Class 10 – परिचय

भारत एक कृषि प्रधान देश है , जहां की अधिकाश आबादी अपनी आजीविका के लिए कृषि पर निर्भर रहती हैं। कृषि का अर्थ है – भूमि पर फसल उत्पादन, पशुपालन, वानिकी, बागवानी, मत्स्य पालन जैसी गतिविधियां । यह मानव जीवन का आधार है, क्योंकि भोजन ,कपड़ा, और कई उद्योगों के लिए कच्चा मॉल कृषि से ही मिलता है। कृषि class 10

कृषि न केवल लोगों को भोजन प्रदान करता है बल्कि देश के आर्थिक विकास में भी मदद करता है। जो आर्थिक विकास एवं उद्योगों , रोजगार और उद्योगों के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता हैं। भारत के विविध जलवायु ,मिट्टी और भौगोलिक स्थिति विभिन्न प्रकार के खेती के लिए मदद करती है।

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कृषि के प्रकार: Type Of Agriculture

कृषि हमारे देश की प्राचीन आर्थिक क्रिया है , पिछले हजारों वर्षों के दौरान भौतिक पर्यावरण, प्रद्योगिकी और सामाजिक सांस्कृतिक रीति रिवाज के अनुसार खेती करने में सार्थक परिवर्तन हुआ है। जीवन निर्वाह से लेकर वाणिज्यिक कृषि के अनेक प्रकार हैं। वर्तमान समय में भारत में निम्न प्रकार के कृषि पद्धतियां विद्यमान हैं।

जीवन निर्वाह कृषि: Subsistense Farming

जीविका निर्वाह कृषि में किसान अपनी जरूरत के लिए कृषि करते है,इस प्रकार की कृषि में उत्पादन कम होता है। इसमें मजदूरी की लागत ज्यादा लगती है और प्रौद्योगिकी का कम प्रयोग किया जाता है।

यह कार्टन दहन प्रणाली कृषि है। किसान जमीन के टुकड़ों को साफ करके उन पर अपने परिवार के भरण पोषण के लिए अनाज व अन्य फसलें उगाते है। जब मृदा की उर्वरकता कम हो जाती है, तो किस उसे पर भूमि के टुकड़े से स्थानांतरित हो जाते हैं। और कृषि के लिए भूमि का दूसरा टुकड़ा साफ करते हैं।

गहन जीविका निर्वाह कृषि: Intensive Subsistense Farming

गहन जीविका कृषि वह कृषि है, जिसमें किसान छोटी भूमि पर अधिक उत्पादन लेने के लिए पूरे वर्ष मेहनत करते हैं। इसमें पशु शक्ति उर्वरक और सिंचाई का अधिक उपयोग होता है यह खेती घनी आबादी वाले क्षेत्रों में होती है। और धान गेहूं जैसी फैसले उगाई जाती हैं।

वाणिज्यिक कृषि comerial Farming

वाणिज्यिक कृषि वह कृषि होती है। जिसमें फैसले बाजार में बेचने के लिए उगाई जाती हैं इसमें बड़े खेत, मशीनें, उच्च गुणवत्ता वाले बीज, उर्वरक और कीट नाशकों का अधिक उपयोग किया जाता है इस खेती में गन्ना, कपास,चाय, काफ़ी और जूट जैसे नगदी फसलें उगाई जाती है।

मुख्य फसलें

1. खरीफ फसल: kharif crop

इन फसलों की बुवाई मानसून के आगमन (जून – जुलाई )से शुरू होती है। जिसमे धान, मक्का ज्वार,बाजार,कपास,गन्ना,तिलहन आदि का उत्पादन किया जाता है। इन फसलों की कटाई सितंबर से अक्टूबर में की जाती है। इन फसलों को अधिक वर्षा और गर्म जलवायु की आवश्यकता होती है।

2.रबी की फसल : Rabi crops

रबी फसलों की बुवाई सर्दियों में अक्टूबर से नवंबर में बोई जाती है। प्रमुख फसलों में गेहूं, जौ,चना, सरसों, मटर इत्यादि का उत्पादन किया जाता है। इन फसलों की प्रमुख विशेषता यह है कि इन्हें ठंडी जलवायु और सीमित सिंचाई की आवश्यकता होती है।

3. जायद की फसल:

जायद के फसलों का उत्पादन गर्मियों में फरवरी से जून महीनों में किया जाता है। प्रमुख फसलों में तरबूज, खरबूजा,ककड़ी, मशाल,गर्मी की सब्जियों का उत्पादन किया जाता हैं

4. नगदी फसल:

इन फसलों का उत्पादन बाजार में के लिए किया जाता है। इसमें प्रमुख फसल कपास ,गन्ना ,जूट,चाय काफ़ी,रबड़ तंबाकू तिलहन को शामिल किया जाता है।

अधिक जानकारी के लिए NCERT की ऑफिसियल वेबसाइट : click here

अधिक जानकारी के लिए कृषि मंत्रालय की ऑफिसियल वेबसाइट: click here

प्रौद्योगिकी सुधार क्या है:

प्रौद्योगिकी सुधार वे बदलाव हैं जिसमें खेती में आधुनिक तकनीकी का उपयोग किया जाता है।जैसे उन्नत किस्म के बीज, उर्वरक, आधुनिक सिंचाई तकनीक, ट्रैक्टर, हार्वेस्टर और वैज्ञानिक पद्धतियां इन सुधारो से कृषि उत्पादन बढ़ता है।और लागत कम होती है।

संस्थागत सुधार:

संस्थागत सुधार वे कदम हैं, जो सरकार किसानों की सहायता के लिए उठाती है। जैसे भूमि सुधार, न्यूनतम समर्थ मूल्य, ऋण सुविधा ,बीमा योजना, सहकारी समितियां और सब्सिडी इन सुधारो से किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है।

भूदान ग्रामदान आंदोलन

भूदान ग्रामदान आंदोलन 1951 में विनोबा भावे के द्वारा तेलंगाना के पोचमपल्ली गांव से शुरू हुआ स्वेच्छिक भूमि सुधार अभियान था। इसका उद्देश्य धनी भूस्वामियों से अतिरिक्त भूमि लेकर भूमिहीन किसानों को वितरित करना था। जबकि ग्रामदान में ग्रामीण भूमि ग्राम परिषद को सौंपते थे। आत्मनिर्भर गांव बनाने हेतु गाँव गांव पदयात्रा से लाखों एकड़ जमीन एकत्र हुआ जो भूमि असमानता कम करने में सहायक सिद्ध हुआ।

अभ्यास प्रश्न

बहुविकल्पीय प्रश्न:

प्रश्न.1 निम्नलिखित में से कौन सा उस कृषि प्रणाली को दर्शाता है जिसमें एक ही फसल लंबे चौड़े क्षेत्र में उगाई जाती है?

  • स्थानांतरण कृष
  • बागवानी कृषि
  • रोपण कृषि
  • गहन कृषि

Ans. रोपड़ कृषि वह प्रणाली है,जिसमे एक ही फसल लंबे चौड़े क्षेत्रों में उगाया जाता है। जैसे – गन्ना, चाय, काफी, रबड़, कपास, नारियल इत्यादि।

प्रश्न.2 इनमें से कौन सी रबी की फसल है?

  • चावल
  • चना ✓
  • मोटे अनाज
  • कपास

Ans. चना (gram) एक प्रमुख रबी फसल है,जिसे ठंडी ऋतु में बोया जाता है। और गर्मियों की शुरुआत में काटा जाता है।

प्रश्न.3 इनमें से कौन सी एक फली दार फसल है?

  • दालें ✓
  • मोटा अनाज
  • ज्वार
  • तिल

Ans. दालें (pulse)फली दार फसलों के अंतर्गत आती हैं। क्योंकि यह फली में पकती है, और मिट्टी मे नाइट्रोजन स्थिरीकरण भी करती हैं।

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर 30 शब्दों में दीजिए:

प्रश्न.1 एक पेय फसल का नाम बताइए, तथा उसे उगाने के लिए अनुकूल भौगोलिक परिस्थितियों का विवरण दीजिए?

Ans. चाय एक पेय पदार्थ है। इसके लिए 20 डिग्री से 30 डिग्री तापमान की आवश्यकता होती है। और 150 -300 सेमी वर्षा की जरूरत होती है। ढलानदार क्षेत्रों में इसकी खेती बहुत सफल होती है। क्योंकि जल निकास अच्छा रहता है।

प्रश्न.2 भारत की एक खाद्य फसल का नाम बताइए और जहां यह पैदा की जाती है उन क्षेत्रों का विवरण दीजिए?

Ans. चावल भारत की प्रमुख खाद्य फसल है। इसे मुख्यतः पश्चिम बंगाल,बिहार ,उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और पंजाब में उगाया जाता है।

यहां पर्याप्त वर्षा , उपजाऊ जलोढ मिट्टी , गर्म आर्द्र जलवायु चावल उत्पादन के लिए अनुकूल होती है।

प्रश्न.3 सरकार द्वारा किसानों के हित में किए गए ,संस्थागत सुधार कार्यक्रमों की सूची बनाओ?

Ans. सरकार ने किसानों के हित में कई संस्थागत सुधार किए है जैसे भूमि सुधार, नाबार्ड और सहकारी बैंको द्वारा ऋण उपलब्धता,किसान क्रेडिट कार्ड,न्यूनतम समर्थ मूल्य व्यवस्था , फसल बीमा योजना , ई नाम बाजार व्यवस्था तथा सिंचाई योजना का विस्तार आदि।

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 120 शब्दों में दीजिए:

प्रश्न.१ कृषि उत्पादन में वृद्धि सुनिश्चित करने के लिए सरकार द्वारा किए गए, उपाय सुझाइए?

Ans. कृषि उत्पादन बढ़ाने के लिए सरकार ने कई कदम उठाए हैं। सबसे पहले किसानों को उत्तम किस्म के बीज का व्यवस्था करना। फिर खाद और कीटनाशक सस्ते दामों में उपलब्ध कराए जाते हैं।

सरकार आधुनिक तकनीकी जैसे ट्रैक्टर,हार्वेस्टर, ड्रिप सिंचाई को बढ़ावा देती है। सिंचाई सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए नहरों,कुओं और ट्यूबवेलों का विस्तार किया गया है। साथ ही प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना लागू की गई है। किसानों को समय से ऋण देने के लिए नाबार्ड और सहकारी बैंको को स्थापित किया गया है।

किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराया जाता है। फसल नुकसान से बचाने के लिए फसल बीमा योजना चलाई जाती है। इसके अलावा न्यूनतम समर्थ मूल्य देकर किसानों को उचित दाम सुनिश्चित किए जाते है।

प्रश्न.२ चावल की खेती के लिए उपयुक्त भौगोलिक परिस्थितियों का वर्णन कीजिए?

Ans. चावल भारत की प्रमुख खाद्य फसल है। और इसके खेती के लिए खास भौगोलिक परिस्थितियों की आवश्यकता होती हैं। चावल के लिए गर्म एवं आर्द्र जलवायु की आवश्यकता होती है।

इसके लिए 25 से 35 डिग्री का तापमान अच्छा माना जाता है। चावल एक पानी पसंद करने वाली फसल है। इसके लिए 150 से 300 सेमी अच्छी वर्षा या भरपूर सिंचाई की आवश्यकता होती है। यह ढाल वाली या समतल भूमि में उगाया जा सकता है।

लेकिन रोपाई के समय खेत में पानी भरा रहना जरूरी होता है। चावल की खेती के लिए जलोढ एवं दोमट मिट्टी सबसे उपयुक्त है। क्योंकि यह लंबे समय तक नमी को रोककर रखती है।

यदि पोस्ट के अंदर कोई त्रुटि रह गई हो तो अपने सुझाव जरूर दें। हम और बेहतर करने की कोशिश करेंगे। ताकि आपको कोई और समस्या का सामना न करना पड़े । धन्यवाद

सारे chapterwise के लिंक क्रम से यहां देख सकतें हैं ।

Lession
Unit 1 संसाधन एवं विकास Click Here
Unit 2 वन्य एवं वन्य जीव संसाधन Click Here
Unit 3 जल संसाधन Click Here

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