जल संसाधन भूगोल नोट्स। Class 10th

| Textbook | NCERT |
| Class | 10th |
| Subject | भूगोल (Geography) |
| Chapter | 3 |
| Chapter Name | जल संसाधन |
| Medium | Hindi |
जल संसाधन Class 10 Notes
जल संसाधन Class Notes, Class 10 Geography Chapter 3 Notes in Hindi
सारांश
जल मानव जीवन के लिए सबसे महत्वपूर्ण प्राकृतिक संसाधन है। पृथ्वी पर पानी की मात्रा अधिक है, लेकिन पीने योग्य पानी बहुत कम है। कुल पानी में से केवल 1% पानी ही उपयोग करने योग्य है। भारत में पानी के मुख्य स्रोत नदियां, वर्षा, तालाब, झील और भूजल है।
भरत की नदियों को दो भागों में बांटा जा सकता है -हिमालयी नदियां जैसे – (गंगा ,यमुना, ब्रह्मपुत्र) जो पूरे वर्ष जल प्रदान करती है, और प्रायद्वीपीय नदियां (जैसे गोदावरी, कृष्णा, कावेरी) जो मानसून पर निर्भर है।
पानी की बढ़ती जरूरत और कम होती जल उपलब्धता के कारण जल संरक्षण की आवश्यकता बढ़ रही है। वर्षा जल संचयन बूंद बूंद सिंचाई,तालाब निर्माण और नदियों की सफ़ाई जैसे उपायों से जल संकट को कम किया जा सकता है।
निष्कर्ष: अर्थात हम कह सकते हैं,जल की मात्रा सीमित है। इसलिए इसे बचाना सभी की जिम्मेदारी है। यदि हम आज पानी को संरक्षित नहीं करेंगे । तो भविष्य में गंभीर जल संकट उत्पन्न हो जाएगा।
बहुउद्देशीय नदी परियोजना multipurpose River project:
बहुउद्देशीय नदी परियोजनाएं वे परियोजनाएं होती हैं। जिम नदी और उसके जल का उपयोग कई उद्देश्यों के लिए किया जाता हैं। इन परियोजनाओं का मुख्य लक्ष्य जल संसाधनो का संतुलित और उपयोगी विकास करना है।
बहुउद्देशीय नदी परियोजना की परिभाषा:
नदी के जल का उपयोग सिंचाई ,जल विद्युत उत्पादन, बाढ़ नियंत्रण, पेयजल उपलब्ध कराने, मत्स्य पालन परिवहन और पर्यावरण संरक्षण जैसे कई उद्देश्यों के लिए किया जाता है। ऐसी परियोजना को बहुउद्देशीय नदी परियोजना कहा जाता है।
बहुउद्देशीय नदी परियोजनाओं का उद्देश्य:
| उद्देश्य | विवरण |
| सिंचाई | किसानों को वर्षभर पानी उपलब्ध कराना। |
| जल विद्युत उत्पादन | बांधो पर बिजली उत्पादन करना। |
| बाढ़ नियंत्रण | वर्षा ऋतु में अतिरिक्त पानी रोककर बाढ़ से बचाना। |
| पेयजल आपूर्ति | शहरों और गांवों के लिए स्वच्छ जल उपलब्ध कराना । |
| मत्स्य पालन | जलाशयों में मछली पालन को बढ़ावा देना । |
| नौवहन और परिवहन | जल मार्ग से परिवहन आसानी होना। |
| मृदा संरक्षण | मिट्टी के कटाव और मरुस्थलीकरण को रोकना । |
भारत की प्रमुख बहुउद्देशीय परियोजनाएं:
| परियोजना | नदी | राज्य |
| भांगड़ा नागल परियोजना | सतलज नदी | पंजाब, हरियाणा |
| हीराकुंड परियोजना | महानदी नदी | उड़ीसा |
| दामोदर घाटी परियोजना | दामोदर नदी | झारखंड ,पश्चिम बंगाल |
| टिहरी बांध परियोजना | भागीरथी नदी | उत्तराखंड |
| सरदार सरोवर परियोजना | नर्मदा नदी | गुजरात ,मध्य प्रदेश |
बहुउद्देशीय परियोजनाओं के लाभ:
# कृषि उत्पादन में वृद्धि ।
# ग्रामीण एवं शहरी जल की उपलब्धता।
# उद्योगों के लिए पानी और बिजली ।
# पर्यटन और रोजगार के अवसर
# बाढ़ और सूखे से सुरक्षा।
बहुउद्देशीय परियोजना के हानि:
- स्थानीय लोगों का विस्थापन।
- पर्यावरण और वन जीवों को नुकसान।
- नदी की प्राकृतिक धारा में परिवर्तन।
- अधिक लागत और लंबे निर्माण समय।
- जल भराव और मिट्टी का क्षरण।
वर्षा जल संग्रहण:
परिभाषा: वर्षा जल संग्रहण वह प्रक्रिया है जिसमें वर्षा के पानी को छतों, नालियों, तालाबों, झीलों या भूमि के माध्यम से एकत्रित करके भविष्य के उपयोग के लिए संरक्षित किया जाता है।
वर्षा जल संग्रहण क्यों आवश्यक है:
✓ भूजल बढ़ाने में मदद करता है
✓ पानी की कमी वाले क्षेत्रों मे जल उपलब्ध कराता है।
✓ सूखे की स्थिति में पानी एक सुरक्षित क्षेत्र बनाता है।
✓ नदियों, झीलों और भूमिगत जल पर दबाव कम पड़ता है।
✓ जल प्रदूषण और बाड़ को नियंत्रित करने में मदद करता है।
भारत में वर्षा जल संग्रहण की आवश्यकता:
#भारत में अधिकांश वर्षा चार महीना में होती है ( जून से सितंबर)
# कई क्षेत्रों में भूजल बहुत तेजी के साथ नीचे जा रहा है।
# शहरी क्षेत्रों में सीमेंट कंक्रीट के कारण पानी भूमि में नहीं समाता ।
वर्षा जल संग्रहण की विधियां:
| विधि | विवरण |
| छत जल संग्रहण प्रणाली | घरों की छत से गिरने वाला |
| कृत्रिम पुनर्भरण | वर्षा के पानी को, कुओं, तालाबों, बावड़ियों और जमीन में भेजकर भू जल स्तर बढ़ाया जाता है। |
| तालाब ,झील,नहर बनाना | वर्षा के जल को बड़े जलाशयों में जमा करना। |
| जोहड़ एवं खाल बनाना | राजस्थान और पहाड़ी क्षेत्रों में पारंपरिक जल संग्रहण |
जल संसाधन: अभ्यास प्रश्न
1. बहुविकल्पीय प्रश्न:
Q.1 नीचे दी गई सूचना के आधार पर स्थितियों को जल की कमी से प्रभावित यह जल की कमी से अप्रभावित अप्रभावित में वर्गीकृत कीजिए?
- अधिक वार्षिक वर्षा वाले क्षेत्र
- अधिक वर्षा और अधिक जनसंख्या वाले क्षेत्र
- अधिक वर्षा वाले परंतु अत्यधिक प्रदूषित जल क्षेत्र
- कम वर्षा और कम जनसंख्या वाले क्षेत्र
Q.2 निम्नलिखित में से कौन सा वक्तव्य बहुउद्देशीय नदी परियोजनाओं के पक्ष में दिया गया तर्क नहीं है?
- बहुउद्देशीय नदी परियोजनाएं उन क्षेत्रों में जल लाती हैं जहां जल की कमी होती है।
- बहुउद्देशीय नदी परियोजनाएं जलवायु को नियंत्रित करके बाढ़ पर काबू पाती हैं।
- बहुउद्देशीय नदी परियोजनाओं से वृहत स्तर पर विस्थापन होता है और आजीविका खत्म हो जाती है।
- बहुउद्देशीय नदी परियोजनाएं हमारे उद्योग और घरों के लिए विद्युत पैदा करती हैं।
Q.3 यहां कुछ गलत वक्तव्य दिए गए हैं। इसमें गलती पहचाने और दोबारा लिखें?
- शहरों की बढ़ती संख्या,उनकी विशालता और सघन जनसंख्या तथा शहरी जीवन शैली ने जल संसाधनों के सही उपयोग में मदद की है।
- नदियों के बांध बनाने और उनको नियंत्रित करने से उनका प्राकृतिक बहाव और तलछट बहाव प्रभावित नहीं होता है।
- आज राजस्थान में इंदिरा गांधी नहर से उपलब्ध पेयजल के बावजूद छत वर्षा जल संग्रहण लोकप्रिय हो रहा है।
2. दिए गए प्रश्नों के उत्तर लगभग 30 शब्दों लिखिए?
Q.1 व्याख्या करें कि जल किस प्रकार नवीकरणीय योग्य संसाधन हैं?
Ans. जल नवीकरणीय संसाधन है, क्योंकि यह पृथ्वी पर जलचक्र के माध्यम से लगातार पुनः निर्मित होता रहता है। वर्षा, वाष्पीकरण, नदी ,झील,भूजल पुनर्भरण की प्रक्रिया से जल की उपलब्धता बनी रहती रहती है। इसलिए यह समाप्त नहीं होता है।
Q.2 जल दुर्लभता क्या है और इसके मुख्य कारण क्या है?
Ans. जल दुर्लभता वह स्थिति है,जब किसी क्षेत्र में लोगों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए पर्याप्त शुद्ध उपयोग योग्य जल उपलब्ध नहीं होता । उसे जल दुर्लभता कहते हैं।
मुख्य कारण: जनसंख्या वृद्धि, प्रदूषण, अत्यधिक दोहन, अनियमित वर्षा, खराब जल प्रबंधन, जलवायु परिवर्तन etc.
Q.3 बहुउद्देशीय नदी परियोजनाओं से होने वाले लाभ एवं हानियो की तुलना करें?
Ans. बहुउद्देशीय नदी परियोजनाओं से कई लाभ और हानियां होती हैं। इनसे सिंचाई, जलविद्युत, पेयजल आपूर्ति,तथा बाढ़ नियंत्रण में मदद मिलती है। वहीं दूसरी ओर इससे पर्यावरण असंतुलन , जनजातियों का विस्थापन, जलभराव और मिट्टी के लावणीकरण जैसे समस्याएं उत्पन्न होती हैं।
लाभ एवं हानियां की तुलना:
| लाभ | हानि |
| सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होती है। | जल भराव और मिट्टी लावणीकरण की समस्या बढ़ती है। |
| जल विद्युत उत्पादन से बिजली सस्ती मिलती है। | परियोजना निर्माण में अधिक समय एवं धन लगता है। |
| बाढ़ नियंत्रण में मदद मिलती है। | लोगों का विस्थापन और सामाजिक समस्याएं उत्पन्न होती हैं। |
| पेयजल की उपलब्धता बढ़ती है | पर्यावरण और जैव विविधता को हानि पहुंचती है। |
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